
कोटक महिंद्रा बैंक
मुंबई के जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट से MBA कर रहे एक लड़के का दिमाग गणित में किसी कंप्यूटर से कम नहीं था, लेकिन उसका पहला प्यार क्रिकेट था। वह अपनी कॉलेज टीम का कैप्टन था, लेकिन एक मैच के दौरान उसके सिर पर गेंद लगने से वह घायल हो गया। चोट इतनी गंभीर थी कि उसे ठीक होने में एक साल लग गया और उसका क्रिकेटर बनने का सपना खत्म हो गया। लेकिन कहते हैं जो होता है, अच्छे के लिए होता है। अगर ऐसा न होता तो इस देश को कोटक महिंद्रा बैंक न मिलता। यह लड़का कोई और नहीं, बल्कि उदय कोटक थे. जिन्होंने देश के बैंकिंग इतिहास में अपना नाम हमेशा हमेशा के लिए सुनहरे अक्षरों में दर्ज करवा लिया है।
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