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सिर में लगी गंभीर चोट..छूटा हाथ से बल्ला, फिर छोटे से कमरे से उदय कोटक ने शुरु किया कारोबार..पढ़िए उनकी सक्सेस स्टोरी

40 Years Of Kotak Bank: कोटक महिंद्रा बैंक को 40 साल पूरे हो गए हैं। आइए जानते हैं कैसे इसकी शुरुआत हुई और कैसे उदय कोटक ने आनंद महिंद्रा के साथ मिलकर बैंकिंग की तस्वीर बदल दी।

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Kotak Mahindra Bank

कोटक महिंद्रा बैंक

मुंबई के जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट से MBA कर रहे एक लड़के का दिमाग गणित में किसी कंप्यूटर से कम नहीं था, लेकिन उसका पहला प्यार क्रिकेट था। वह अपनी कॉलेज टीम का कैप्टन था, लेकिन एक मैच के दौरान उसके सिर पर गेंद लगने से वह घायल हो गया। चोट इतनी गंभीर थी कि उसे ठीक होने में एक साल लग गया और उसका क्रिकेटर बनने का सपना खत्म हो गया। लेकिन कहते हैं जो होता है, अच्छे के लिए होता है। अगर ऐसा न होता तो इस देश को कोटक महिंद्रा बैंक न मिलता। यह लड़का कोई और नहीं, बल्कि उदय कोटक थे. जिन्होंने देश के बैंकिंग इतिहास में अपना नाम हमेशा हमेशा के लिए सुनहरे अक्षरों में दर्ज करवा लिया है।

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