
जदयू के पूर्व अध्यक्ष आरसीपी सिंह और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फोटो- वीडियो ग्रैब)
Bihar Politics: बिहार की राजधानी पटना के सिमरा-निसरपुरा में रविवार को सरस्वती बसंत पटेल गेस्ट हाउस का शिलान्यास हुआ। पटेल नवजागरण न्यास द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी पहुंचे, जहां पूर्व जेडीयू अध्यक्ष RCP सिंह पहले से ही मौजूद थे। करीब चार साल बाद एक ही कार्यक्रम में एक ही वक्त पर दोनों नेताओं की मौजूदगी चर्चा का विषय बन गई।
भले ही दोनों के बीच मंच और दर्शक दीर्घा की दूरी थी, लेकिन आरसीपी सिंह के हाव-भाव और उनके बयानों ने बिहार की राजनीति में एक नई कहानी लिखे जाने की आहट दे दी है। इससे पहले, मकर संक्रांति के दौरान भी दोनों नेता एक ही कार्यक्रम में शामिल हुए थे, लेकिन अलग-अलग समय पर।
जैसे ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, दर्शक दीर्घा की पहली लाइन में बैठे RCP सिंह की नजरें उन पर टिक गईं। आरसीपी सिंह का हावभाव शांत था, लेकिन उनका चेहरा बहुत कुछ कह रहा था। उनके चेहरे पर पुरानी यादों और भावनाओं का मिला-जुला भाव दिख रहा था। नीतीश कुमार ने रिमोट के जरिए शिलान्यास किया और करीब 10 मिनट बाद वहां से चले गए, लेकिन उन 10 मिनटों में आरसीपी सिंह की टकटकी ने बहुत कुछ कह दिया।
कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में RCP सिंह ने खुलकर अपनी बातें रखी। जब उनसे नीतीश कुमार के साथ उनके रिश्ते के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार के साथ मेरा रिश्ता कोई नया नहीं, बल्कि 25 साल पुराना है। यह पद या फॉर्मैलिटी पर आधारित नहीं है, बल्कि पर्सनल भरोसे के एक साझा सफर पर आधारित है। भले ही पिछले चार सालों में बातचीत की कमी रही हो, लेकिन हमारे रिश्ते में कोई दूरी नहीं आई है। यह रिश्ता परमानेंट है और हमेशा रहेगा।"
जब RCP सिंह से जनता दल यूनाइटेड (JDU) में उनकी आधिकारिक वापसी के बारे में पूछा गया। तो आरसीपी सिंह ने मुस्कुराते हुए कहा, "अब तो आ ही गए हैं, आना क्या है। मेरी ओर से कोई देरी नहीं है।"
आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के एक्टिव पॉलिटिक्स में आने की अफवाहों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अगर निशांत आगे आते हैं तो उन्हें बहुत खुशी होगी। इस दौरान उन्होंने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के इस्तेमाल पर भी जोर दिया और कहा कि इसका इस्तेमाल खेती और आम जनता के फायदे के लिए किया जाना चाहिए।
इस कार्यक्रम में कुर्मी समुदाय के कई बड़े नेता मौजूद थे, जिनमें जेडीयू के नेशनल जनरल सेक्रेटरी मनीष वर्मा, मंत्री श्रवण कुमार और सांसद कौशलेंद्र कुमार शामिल थे। जानकारों का कहना है कि कुर्मी समुदाय का एक बड़ा हिस्सा चाहता है कि नीतीश और आरसीपी फिर से साथ आएं। समुदाय का मानना है कि उनके गठबंधन से सत्ता पर उनकी पकड़ मजबूत होगी।
Published on:
22 Feb 2026 05:03 pm
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