
मां रीना पासवान के साथ चिराग पासवान (फोटो- chirag paswan FB)
Rajysabha Election: बिहार की राजनीति में पिछले कुछ हफ्तों से राज्यसभा चुनावों को लेकर काफी हलचल थी। इसी बीच, लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की मां रीना पासवान का नाम अचानक राजनीतिक गलियारों में घूमने लगा। लगातार यह सवाल उठ रहा था कि क्या चिराग अपनी मां को राजनीतिक रूप से सक्रिय करने के लिए उन्हें राज्यसभा भेजेंगे। यह भी अटकलें लगाई जा रही थीं कि चिराग अपनी मां को राज्यसभा भेजकर अपनी पार्टी की राजनीतिक स्थिति मजबूत करना चाहते हैं। लेकिन अब चिराग ने खुद इन अटकलों पर विराम लगा दिया है।
एक इंटरव्यू के दौरान, जब चिराग पासवान से सीधे पूछा गया कि क्या उनकी मां राज्यसभा जा रही हैं, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "नहीं, मेरी मां सक्रिय राजनीति से दूर रहती हैं और राज्यसभा नहीं जाएंगी।" चिराग ने यह भी बताया कि उनके पिता राम विलास पासवान की मृत्यु के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद रीना पासवान को राज्यसभा सीट ऑफर की थी। हालांकि, चिराग के अनुसार, रीना पासवान ने विनम्रता से यह ऑफर ठुकरा दिया था। चिराग ने कहा कि उनकी मां कभी भी राजनीतिक पदों और सार्वजनिक भूमिकाओं में सहज नहीं रही हैं और यही वजह थी कि उन्होंने बीजेपी और NDA के उस सम्मानजनक ऑफर को स्वीकार नहीं किया।
अटकलों के बीच यह सवाल भी उठा कि क्या LJP (राम विलास) के पास अपने दम पर राज्यसभा सीट जीतने की क्षमता है? गणित साफ है; राज्यसभा चुनाव के फॉर्मूले के अनुसार, एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों की जरूरत होती है, जबकि वर्तमान में LJP (R) के पास केवल 19 विधायक हैं। इसका मतलब है कि बिना समर्थन के यह संभव नहीं था। लेकिन बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से NDA के पास 202 सीटें हैं, जिसका मतलब है कि NDA पहले वरीयता वोटों के आधार पर चार सीटें जीतने की स्थिति में है।
यही वजह थी कि राजनीतिक गलियारों में बैकडोर डील और गठबंधन समझौतों को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन चिराग के बयान के बाद यह साफ हो गया कि पूरा मामला सिर्फ अटकलों पर आधारित था।
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें 9 अप्रैल को खाली हो जाएंगी, और इन सभी सीटों के लिए चुनाव मार्च में घोषित होने की संभावना है। जिन राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें RJD के प्रेम चंद गुप्ता और अमरेंद्र धारी सिंह, जनता दल (यूनाइटेड) के हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं।
इसी इंटरव्यू में चिराग पासवान ने अपने मंत्रालय और सरकार की उपलब्धियों से जुड़े दावे भी किए। उन्होंने कहा, "पिछले डेढ़ साल में, बिहार को विभिन्न प्रोजेक्ट्स और योजनाओं के तहत लगभग 10,000 करोड़ का निवेश मिला है। अगले पांच साल बिहार के लिए सुनहरा दौर होगा।" उन्होंने कहा कि पहले बिहार बिजली और पानी जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा था। लेकिन अब, केंद्र और राज्य दोनों जगह एक ही गठबंधन की सरकार होने से विकास की गति बढ़ गई है।
Updated on:
11 Jan 2026 09:18 pm
Published on:
11 Jan 2026 09:17 pm
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