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पटना हॉस्टल कांड: CBI की हिरासत में पीड़िता का भाई, परिजनों से हुई लंबी पूछताछ

सीबीआई मंगलवार को पीड़िता का मोबाइल भी जब्त कर लिया है। सीबीआई पीड़िता के भाई के साथ मोबाइल की बरामदगी के लिए उसे अपने साथ लेकर मखदुमपुर बाजार गई थी।

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पटना NEET छात्रा मौत मामले में सीबीआई ने पीड़िता के भाई को अपनी हिरासत में ले लिया है। सीबीआई की टीम ने इससे पहले उसका मोबाइल जब्त कर लिया था। इसके एक दिन बार सीबीआई ने उसे हिरासत में ले लिया है। कहा जा रहा है कि सीबीआई की टीम उससे अब पटना में पूछताछ करेगी। केंद्रीय जांच एजेंसी CBI तीन दिनों में दूसरी बार छात्रा के घर जहानाबाद पहुंची थी। इस बार भी टीम ने परिजनों से लंबी पूछताछ की है।

पीड़िता का मोबाइल जब्त

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीबीआई मंगलवार को पीड़िता का मोबाइल भी जब्त कर लिया है। मंगलवार को सीबीआई पीड़िता के भाई के साथ मोबाइल की बरामदगी के लिए अपने साथ लेकर मखदुमपुर बाजार गई थी। पीड़िता का मोबाइल यहां पर ही रिपेयरिंग के लिए दिया गया था, सीबीआई की टीम ने वहां से मोबाइल बरामद कर लिया है। उसके बाद सीबीआई की टीम छात्रा के भाई को लेकर उसके पैतृक गांव पहुंची। कुछ देर तक उससे पूछताछ करने के बाद सीबीआई ने उसे अपने साथ लेकर पटना रवाना हो गई। हालांकि, CBI की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।

बेटी गई, बेटा भी मरेगा 2 दिन में

सीबीआई जांच के बीच मंगलवार को एक बार फिर पीड़िता के पैतृक आवास में एक धमकी भरा पर्चा मिला, जिस पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था, “न मानोगे, बेटी गई, बेटा भी मरेगा दो दिन में।” यह नोट किसी अनजान व्यक्ति ने खिड़की से घर में फेंका था। इस डरावने मैसेज ने पीड़ित परिवार को बुरी तरह हिला दिया है। घटना के बाद घर में दहशत का माहौल है। स्टूडेंट के पिता ने बताया कि उन्होंने तुरंत लोकल पुलिस और CBI अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इससे पहले शनिवार को भी इस प्रकार का पत्र पीड़िता के घर मिला था। अपराधियों ने यह साहस तब किया है जब पीड़िता के घर सुरक्षा पहरा है।

क्या है मामला

पीड़िता के परिजनों ने रेप के बाद छात्रा की हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस पर उन लोगों ने पूरे मामले को रफा दफा करने का आरोप लगाया था। दरअसल, यह विवाद पुलिस के बयान के बाद से ही शुरू हुआ। पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही थी, लेकिन छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जब आई तो उसमें यौन उत्पीड़न की बात सामने आई। इसके बाद से पुलिस पर कई तरह के आरोप लगने लगे थे। हालांकि पुलिस ने इस मामले में हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार किया था। लेकिन, गर्ल्स हॉस्टल संचालिका को बिना पूछताछ के ही पुलिस ने छोड़ दिया था।