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पटना हॉस्टल कांड: पीड़िता की मां ने खोली पुलिस और हॉस्टल की पोल!, कहा- पुलिस पैसा लेकर केस रफा-दफा करने का बना रही दबाव

पटना के गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत मामले में नीतीश सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। जबकि परिजन पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। 

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पीड़िता की मां । फोटो पत्रिका

पटना के हॉस्टल में छात्रा के साथ हुई दरिंदगी और उसकी संदिग्ध मौत का मामला तूल पकड़ने पर नीतीश सरकार ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। गृहमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर पटना पुलिस की ओर से विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है। जिसकी जांच का प्रतिदिन पटना आईजी जितेंद्र राणा समीक्षा करेंगे। 06 जनवरी को पटना के चित्रगुप्त नगर गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत मामले को लेकर पटना से लेकर जहानाबाद तक आक्रोशित लोग सड़क पर हैं। ये सभी लोग पूरे मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। विवाद बढ़ने पर सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए SIT का गठन कर दिया है। जिसमें पुलिस अधीक्षक, नगर पूर्वी की अध्यक्षता में एक-एक महिला एवं पुरुष डीएसपी, एक-एक महिला एवं पुरुष इंस्पेक्टर रहेंगे। एसआईटी में जरूरत के हिसाब से पुलिस अवर निरीक्षक, सहायक अवर निरीक्षक एवं सिपाहियों को भी शामिल करने का निर्देश दिया गया है।

पटना पुलिस आरोपी को बचाना चाह रही है

गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर एसआईटी गठित होने की जानकारी दी है। वहीं छात्रा के परिजन पूरे मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग किया है। परिजनों का आरोप है कि मौत से पहले छात्रा के साथ कई लोगों ने रेप किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसका खुलासा हुआ है। लेकिन, पटना पुलिस आरोपी को बचाना चाह रही है। इसलिए पहले हत्या को आत्म हत्या बताया और अब पूरे मामले को रफा दफा करने के लिए भी दबाव बना रही है। पीड़ित परिवार के परिजनों ने प्रशांत किशोर के बताया है कि पुलिस वाले मामले को रफा दफा करने के लिए दबाव बना रहे हैं। इसके बाद से यह मामला और गंभीर हो गया है।

पीड़िता की मां ने खोल दी पुलिस की पोल

पीड़ित मां ने प्रशांत किशोर से कहा कि उनकी बेटी की तबीयत जब बिगड़ी, तो हॉस्टल प्रबंधन ने पूरे मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया। हॉस्टल की मैडम ने मुझसे कहा, "हम आपकी बेटी को बचा नहीं सकते, लेकिन आप जितना पैसा चाहें ले लीजिए." पीड़िता की मां ने गुस्से और दुख में कहा कि क्या पैसे से मेरी बेटी वापस आ जाएगी?

पुलिस की भूमिका पर परिजनों ने खड़े किए सवाल

पटना पुलिस की भूमिका पर शुरू से परिजन सवाल खड़ा कर रहे हैं। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने छात्रा के के साथ प्राथमिक तौर पर सेक्सुअल असॉल्ट से इनकार किया था। लेकिन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस के दावे को झूठा करार दिया। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार छात्रा के शरीर पर जख्म और खरोच के निशान मिले हैं। पीड़िता के शरीर पर 10 स्थानों पर जख्म थे। पीड़िता की मां ने इसको लेकर ही शुरू से सवाल खड़ा कर रही है।

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