
एलपीजी वितरण केंद्रों के बाहर लंबी कतारें । फोटो-पत्रिका
पटना में एलपीजी वितरण केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। हालांकि, जिला प्रशासन का दावा है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। पटना के जिलाधिकारी त्यागराजन एसएम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिले में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पर्याप्त है और किसी तरह की कमी नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराकर खरीदारी न करें और शांत रहें। जिलाधिकारी ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों से गुमराह होने के बजाय जिला प्रशासन की ओर से दी जा रही आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की भी अपील की।
इधर, पटना में गैस सिलेंडर नहीं मिलने की वजह से छात्र और दिहाड़ी मजदूर शहर छोड़कर अपने गांव लौटने लगे हैं। गैस की कमी का असर शहर के कारोबार पर भी पड़ने लगा है। पटना की मशहूर खाओ गली की कई दुकानें गैस सिलेंडर की कमी के कारण बंद होने लगी हैं। जो दुकानें खुली हैं, वे भी ब्लैक में गैस खरीदकर या घरेलू सिलेंडर के सहारे किसी तरह काम चला रही हैं। पटना के जादूघर के पास स्थित खाओ गली में फास्ट फूड की दुकान चलाने वाले संजय यादव बताते हैं कि पिछले कई दिनों से गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण परेशानी बढ़ गई है। उनके मुताबिक गैस की कमी के चलते कई दुकानें पहले ही बंद हो चुकी हैं और जो अभी खुली दिख रही हैं, वे भी एक-दो दिनों में बंद होने की कगार पर हैं। उन्होंने कहा, “मेरे पास सिर्फ एक से डेढ़ दिन की गैस बची है। अगर जल्द गैस सिलेंडर का इंतजाम नहीं हुआ, तो दुकान बंद करनी पड़ेगी।”
दिहाड़ी मजदूरी करने वाले राम बाबू राय का कहना है, “बाबू, हम रोज जितना कमाते हैं, उससे ज्यादा पैसा तो 2 किलो के छोटे सिलेंडर खरीदने में खर्च हो जा रहा है। ऐसे में पटना में रहना कैसे संभव है? इसलिए रविवार को हम लोग पटना छोड़कर अपने गांव लौट जाएंगे।”
उनके साथ रहने वाले उमेश, जो गार्ड की नौकरी करते हैं, बताते हैं कि गैस सिलेंडर की कमी के कारण पिछले दो दिनों से वे चूड़ा-दही खाकर गुजारा कर रहे हैं। “लेकिन अब यह भी नहीं खाया जा रहा है, इसलिए मैं भी घर जा रहा हूं,” उन्होंने कहा। उमेश जमुई के रहने वाले हैं।
इसी तरह दूर-दराज से पटना आकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले कई छात्र भी गैस सिलेंडर की कमी और बढ़ती परेशानी के कारण शहर छोड़कर अपने गांव लौटना शुरू कर चुके हैं।
इधर, पटना के जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने दावा किया कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति में किसी तरह की कमी नहीं है। उन्होंने कहा, “आज मैंने IOCL, BPCL, HPCL और GAIL के क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ बैठक की है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी नहीं है।”
डॉ त्यागराजन ने बताया कि जिला प्रशासन ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही छात्रावासों के लिए एलपीजी सिलेंडरों की राशनिंग की व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में 25 दिनों के अंतराल के बाद ही गैस रिफिल की बुकिंग की अनुमति है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार से यह अंतराल 45 दिनों का कर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने जोर देकर कहा कि कालाबाजारी रोकने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया, “पटना जिले में 138 गैस एजेंसियां हैं और सभी जगहों पर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। पुलिस गश्त की भी व्यवस्था की गई है। कहीं भी अत्यधिक भीड़ होने की स्थिति में वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचते हैं।”
डीएम ने स्पष्ट कहा कि कालाबाजारी और अधिक कीमत पर गैस बेचने को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “किसी भी परिस्थिति में घरेलू गैस सिलेंडर निर्धारित कीमत से अधिक पर नहीं बेचा जाना चाहिए। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी बताया कि ESMA अधिनियम के तहत जमाखोरी सख्ती से प्रतिबंधित है और घरेलू गैस आपूर्ति का व्यावसायिक इस्तेमाल करना भी कानूनी अपराध है।
Updated on:
13 Mar 2026 10:51 pm
Published on:
13 Mar 2026 10:44 pm
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