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पटना शंभू गर्ल्स हॉस्टल मामला: साक्ष्य CBI को नहीं, कोर्ट में देंगे, अमिताभ दास ने क्यों कही ये बात?

पटना नीट छात्रा के कथित रेप- मौत मामले में अफवाह फैलाने के आरोप में पुलिस हिरासत से रिहा होने के बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास ने पटना पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाया है।

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अमिताभ दास

पटना पुलिस ने शुक्रवार शाम नीट छात्रा मामले में अफवाह फैलाने के आरोप में अमिताभ दास को गिरफ्तार किया था। हालांकि, थाने में पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास ने पटना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि मेरे पास जो भी नीट छात्रा मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज थे उसे या तो नष्ट कर दिए गए हैं या बिना मेरी जानकारी के पुलिस ने जब्त कर लिया है। उन्होंने पुलिस पर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ और उन्हें नष्ट करने का आरोप भी लगाया। अमिताभ दास ने कहा कि फिलहाल उनकी तबीयत ठीक नहीं है। स्वास्थ्य बेहतर होते ही वह इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगे।

सीबीआई ने कोर्ट में सौपेंगे साक्ष्य

पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास ने कहा कि मेरे पास जो भी साक्ष्य हैं, उन्हें अब सीबीआई को नहीं बल्कि अब सीधे उचित समय में अदालत में सौपेंगे। यह पूछने पर कि जिन आरोपों की आप बात कर रहे हैं, उनके समर्थन में आपके पास क्या प्रमाण हैं? इसपर उन्होंने कहा कि जो भी मैं दावे किए हैं, वह सब सही है। मेरा पास इससे संबंधित सीडी थे, लेकिन पुलिस ने उसे जब्त कर लिया है। पूर्व शिक्षा मंत्री मेवा लाल चौधरी का उल्लेख करते हुए अमिताभ दास ने कहा कि उनके लगाए गए आरोपों और साक्ष्यों के कारण ही मेवा लाल चौधरी को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी थी।

अफवाह फैलाने का आरोप

पटना पुलिस ने अफवाह फैलाने के आरोप में शुक्रवार की रात अमिताभ दास के पाटलिपुत्रा स्थित घर पर छापेमारी कर उनके घर से कई अहम कागजात जब्त किए थे। पुलिस ने उसके आधार पर अमिताभ दास के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त पटना पुलिस ने उनके खिलाफ बीएनएस की पांच धाराओं के तहत भी चित्रगुप्त नगर थाना में मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक गैजट्स और कागज मिले हैं। पुलिस उसकी जांच कर रही है। जांच के बाद जो साक्ष्य मिलेंगे उसके आलोक में आगे की कार्रवाई की जायेगी। अमिताभ दास का विवादों से पुराना रिश्ता रहा है। सरकार ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास को साल 2018 में जबरन रिटायर करवा दिया था।

क्या है मामला?

रिटायर IPS अमिताभ दास इन दिनों NEET जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ तीखी बयानबाज़ी कर रहे थे। उन पर भ्रामक सूचना देने का भी आरोप है। पटना पुलिस ने इस मामले को गंभीर से लेते हुए चित्रगुप्त नगर थाना में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद उनको गिरफ्तार कर ली। अमिताभ दास पर रिटायरमेंट के बावजूद अपने निजी लेटर पैड पर भारत सरकार के राजकीय प्रतीक चिन्ह और IPS पदनाम का इस्तेमाल करने का भी आरोप है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसा करना ‘भारत का राज्य प्रतीक (अनुचित उपयोग निषेध) अधिनियम, 2005’ के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। पटना पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी में इसको भी आधार बनाया है।