
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव
बिहार विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के भाषण के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राज्यपाल के भाषण को खानापूर्ति बताया। तेजस्वी ने कहा कि भाषण में विकास, कानून-व्यवस्था और सुशासन की तस्वीर पेश की गई, लेकिन ज़मीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि असली सच्चाई तो रेप, मर्डर और गोलीबारी है। उन्होंने सरकार के दावों को सिर्फ कागजी कार्रवाई बताया।
राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कई राज्यपाल आए और चले गए, लेकिन वे वही बोलते हैं जो सरकार और अधिकारी लिखवाते हैं। वे अपने भाषणों में अच्छी-अच्छी बातें दिखाते हैं, लेकिन बाहर आते ही सबको सच्चाई पता चल जाती है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्यपाल का भाषण सिर्फ़ सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा था, जिसमें लोगों की पीड़ा और डर का जिक्र तक नहीं था।
तेजस्वी यादव ने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार गंभीर अपराध हो रहे हैं और आम लोगों में डर का माहौल है। रेप, मर्डर, किडनैपिंग, गोलीबारी जैसी घटनाएं रोज सुर्खियां बन रही हैं। सरकार दावा करती है कि कानून-व्यवस्था बेहतर है, लेकिन लोग अपने घरों से बाहर निकलने से भी डरते हैं। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल किया कि बिहार कई राष्ट्रीय संकेतकों पर पीछे क्यों दिख रहा है।
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि चाहे वह नीति आयोग की रिपोर्ट हो या प्रति व्यक्ति आय के आंकड़े, बिहार हर जगह निचले पायदान पर है। अगर पूरे देश में बिहार किसी चीज में आगे है, तो वह अपराध और भ्रष्टाचार है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि ब्लॉक स्तर से लेकर थाने तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है, और आम लोगों का काम बिना रिश्वत दिए नहीं होता।
तेजस्वी यादव ने NEET छात्रा मौत के मामले में CBI जांच को लेकर सरकार के रवैये पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "CBI बाल गृह कांड की भी जांच कर रही है, कई साल हो गए, नतीजा क्या निकला? CBI सृजन घोटाले की भी जांच कर रही है, क्या हुआ?" तेजस्वी ने आरोप लगाया कि कई मामलों में CBI जांच का मतलब है कि फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार CBI का नाम इस्तेमाल करके जनता की भावनाओं को शांत करना चाहती है, लेकिन न्याय की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने रोजगार के मुद्दे पर सरकार के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार हर जिले में इंडस्ट्री लगाने और 10 लाख लोगों को रोजगार देने की बात कर रही है, लेकिन यह साफ नहीं है कि ये नौकरियां किस तरह की होंगी और कब मिलेंगी। उन्होंने कहा, "सिर्फ नारे और घोषणाएं काफी नहीं हैं, काम जमीन पर दिखना चाहिए।"
केंद्र सरकार के बजट का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, "पिछले साल बिहार में चुनाव थे, इसलिए बजट में बिहार का जिक्र हुआ। अब जहां चुनाव हैं, उस राज्य को बजट में दिखाया जा रहा है।" उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से चुनावी राजनीति है।
बजट सत्र शुरू होने के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे टकराव के संकेत साफ हो गए हैं। विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह कानून-व्यवस्था, NEET स्टूडेंट केस, भ्रष्टाचार और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरना जारी रखेगा। तेजस्वी यादव ने कहा कि लोगों की आवाज बनना और सरकार से जवाब मांगना विपक्ष की जिम्मेदारी है।
Updated on:
02 Feb 2026 01:33 pm
Published on:
02 Feb 2026 01:32 pm

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