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पन्ना, May 27, 2026

पन्ना में 5 मजदूरों की मौत पर भड़का गुस्सा, रोका गया अंतिम संस्कार, सरपंच सहित 3 पर FIR दर्ज

Panna Well Collapse Tragedy: मध्य प्रदेश के पन्ना में 5 मजदूरों की मौत के बाद अगले दिन परिजनों का गुस्सा फूटा। परिजनों ने न्याय मिलने तक शवों का अंतिम संस्कार करने से मन कर दिया।

Panna Well Collapse Tragedy Uproar over laborers death mp news

Panna Well Collapse Tragedy update (फोटो- Patrika.com)

Panna Well Collapse Tragedy: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के नयागांव के कुआं हादसे में पांच मजदूरों की मौत के बाद अजयगढ़ बुधवार को दर्द, आक्रोश देखने को मिला। जिन कंधों पर अपनों की अर्थियां उठनी थीं, वे ही इंसाफ की मांग में सड़क पर उतर आए। रोते-बिलखते परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया और अजयगढ़ के माधवगंज चौराहे पर चक्काजाम कर प्रशासन के सामने मांग रखी जब तक न्याय और मुआवजे का भरोसा नहीं, तब तक विदाई भी नहीं। पुलिस ने इस मामले में सरपंच सरोज पटेल, सरपंच पति संतोष पटेल और मनरेगा ठेकेदार सवालाल पटेल पर एफआईआर दर्ज कर ली है।

परिजनों ने रोका अंतिम संस्कार

ग्राम पंचायत बीहरपुरवा के नयागांव में मंगलवार को निर्माणाधीन कुएं की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई थी। कुछ ही पलों में पांच मजदूर जिंदा मिट्टी में समा गए। चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच शुरू हुआ रेस्क्यू घंटों चला। प्रशासन, पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों ने जेसीबी की मदद से शव बाहर निकाले, लेकिन तब तक पांच परिवारों की दुनिया उजड़ चुकी थी। रातभर गांव में मातम पसरा रहा। हालांकि, सुबह होते-होते यह दर्द गुस्से में बदल गया। सैकड़ों ग्रामीण और पीड़ित परिवार अजयगढ़ के मुख्य चौराहे माधवगंज पहुंच गए। देखते ही देखते सड़क जाम हो गई, बाजार थम गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार तीखी बहस हुई। परिजनों की पीड़ा शब्दों में छलक उठी।

परिजनों ने लगाया चक्काजाम, प्रशासन से की ये मांगे

उनका कहना था कि सांत्वना और आश्वासन से उजड़े घरों का सहारा वापस नहीं आएगा। जिन मजदूरों के हाथों से परिवारों का चूल्हा जलता था, आज वही हाथ हमेशा के लिए थम गए हैं। इसलिए उन्होंने जिम्मेदारों पर एफआईआर और प्रत्येक परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग दोहराई। रात में सागर कमिश्नर अनिल सुचारी, आईजी मिथिलेश शुक्ला, कलेक्टर उषा परमार ने परिजनों से मुलाकात कर हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन अजयगढ़ की सड़कों पर उमड़ा यह जनाक्रोश बता रहा था कि यह सिर्फ पांच मौतों का मामला नहीं, बल्कि उन सपनों का शोक है जो मिट्टी धंसने के साथ हमेशा के लिए दफन हो गए।

खुदाई कार्य के दौरान हुआ था हादसा

बता दें कि, मंगलवार को अजयगढ़ जनपद अंतर्गत ग्राम बीहरपुरवा केन यागांव में कुएं की खुदाई के दौरान ये हादसा हुआ था। ग्राम नयापुरवा निवासी बिन्नू अहिरवार के खेत में पिछले लगभग दस दिनों से कुएं की खुदाई का कार्य चल रहा था। इस काम में सात मजदूर लगे हुए थे। सुबह करीब 11 बजे मजदूर कुएं के भीतर खुदाई कर रहे थे। इसी दौरान दो मजदूर पानी पीने के लिए ऊपर आ गए, जबकि पांच मजदूर नीचे काम में लगे रहे। तभी अचानक भुसभुसी मिट्टी भरभराकर धंस गई और कुएं के भीतर काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए जिससे उनकी मौत हो गई।

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