
दिल्ली में आयोजित एनएचआरसी की बैठक में चर्चा करते न्यायाधीश व कार्यकर्ता।
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की बैठक आयोजित हुई। जिसमें दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों के दिव्यांगता प्रमाणपत्रों के पुनः सत्यापन एवं पुनर्मूल्यांकन से उत्पन्न हो रहे मानवाधिकार सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई। एनएचआरसी अध्यक्ष न्यायाधीश वी. रामासुब्रमण्यम की अध्यक्षता में सदस्य न्यायाधीश डॉ. विद्युत रंजन सारंगी, विजया भारती सायनी सहित केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ व देश के विभिन्न हिस्सों से आए दिव्यांग अधिकार कार्यकर्ताओं ने चर्चा की। पाली स्वावलंबन फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. वैभव भंडारी ने दिव्यांग व्यक्तियों के समक्ष जमीनी स्तर पर आ रही गंभीर समस्याओं को बताया। उन्होंने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, प्रोग्रेसिव डिसेबिलिटी जैसी स्थायी और प्रगतिशील बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए पुनः मूल्यांकन को उन्होंने अमानवीय और अव्यावहारिक बताया। प्रारंभिक स्तर पर ऑनलाइन आवेदन भरने के दौरान गलत श्रेणी के चयन से भी समस्या उत्पन्न होना बताया गया।
Published on:
29 Jan 2026 08:14 pm

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