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40 हजार महीना किराए पर लिया मकान और…कॉल सेंटर की आड़ में चल रहे ‘गंदे खेल’ का भंडाफोड़

Fake Call Center: दिल्ली से सटे नोएडा सेक्टर-6 में पुलिस ने छापेमारी कर अनैतिक धंधे का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों ने इसके लिए 40 हजार रुपये महीना किराए पर एक मकान लिया था। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को दबोचा है।

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नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़।

Fake Call Center: राष्ट्रीय राजधानी से सटे नोएडा सेक्टर-6 में पुलिस ने ऐसे कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जहां आरोपी बेहद शातिर तरीके से अनैतिक धंधे को अंजाम दे रहे थे। मौके से पुलिस पांच आरोपियों को गिरफ्तार पूरे मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले में मकान मालिक को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। ताकि पता लगाया जा सके कि आरोपियों के इस अनैतिक धंधे की जानकारी मकान मालिक को थी या नहीं? यह अनैतिक धंधा नोएडा सेक्टर-6 स्थित डी-16 नंबर मकान में चल रहा था। पकड़े गए सभी आरोपी 20-35 साल उम्र के हैं।

अब जानिए कैसे चल रहा था 'अनैतिक धंधा'?

नोएडा की एडिशनल डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि नोएडा पुलिस को गुप्त इनपुट मिला था कि सेक्टर-6 स्थित मकान नंबर डी-16 में काफी दिनों से संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस ने पहले प्राथमिक जानकारी जुटाई तो मामला संदिग्ध पाया गया। इसके बाद नोएडा फेज-1 थाना पुलिस ने मौके पर छापेमारी की, जहां कॉल सेंटर की आड़ में ठगी के गंदे खेल को अंजाम दिया जा रहा था। मौके से पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपियों की उम्र 20-35 साल के बीच है। इनकी पहचान अनुज, राकेश कुमार, शुभम सक्सेना, शहजाद और मनीष मंडल के रूप में हुई है। इस गिरोह का सरगना भंगेल निवासी अनुज को बताया जा रहा है।

कॉल सेंटर की आड़ में ठगी करते थे आरोपी

नोएडा एडीसीपी शैव्या गोयल की मानें तो आरोपी कॉल सेंटर से आम लोगों को फोन करते थे। इस दौरान आरोपी खुद को बीमा कंपनी, बैंक या निवेश सलाहकार बताकर लोगों को भारी मुनाफे का झांसा देते थे। इसके बाद उनसे पांच हजार से एक लाख रुपये तक निवेश कराने के नाम वसूले जाते। इस धन को अलग-अलग खातों में जमा कराया जाता था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपियों ने अब तक समय से पहले बीमा पॉलिसी का भुगतान और रियल एस्टेट में भारी मुनाफे का लालच देकर 500 लोगों से ठगी कर चुके हैं। पुलिस ने अब तक चार खातों को फ्रीज कराया है, जिनमें करीब 80 लाख रुपये जमा हैं।

पुलिस को मौके से क्या-क्या मिला?

नोएडा पुलिस सूत्रों ने बताया कि छापेमारी के दौरान मौके से पुलिस को एक लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन, एक प्रिंटर मशीन और 45 कॉल डेटा शीट मिली हैं। दूसरी ओर, नोएडा के एसीपी स्वतंत्र सिंह ने कहा कि पकड़े गए ज्यादातर आरोपी ग्रेजुएट हैं। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि अब ये कॉल सेंटर बंद कर फरार होने की तैयारी में थे। एसीपी का कहना है कि इस मामले की जांच में उस मकान मालिक को भी शामिल किया गया है, जिसका मकान आरोपियों ने 40 हजार रुपये महीना किराए पर लिया था। उसी मकान में आरोपियों ने ठगी का पूरा सेटअप तैयार किया।

पहले से आपराधिक शिकायतें भी दर्ज

एसीपी ने बताया कि अब तक जांच में ये भी पता चला है कि इन आरोपियों पर विभिन्न राज्यों में कई शिकायतें दर्ज हैं। यह मामले नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज की गई हैं। प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह हमेशा ऐसे राज्यों के लोगों को निशाना बनाते थे, जो बार-बार नोएडा न आ सकें। एसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनके खातों की जांच की जा रही है। अगर इन खातों में ठगी की रकम की पुष्टि होती है तो पीड़ितों को राहत भी दिलाई जाएगी। फिलहाल आरोपियों से सघन पूछताछ जारी है।