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होशियार बच्चों को नहीं मिल रहे पासिंग मार्क्स, बालिकाओं के लिए अजमेर जाना मुश्किल

नागौर. नागौर में विश्वविद्यालय एवं इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने को लेकर राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे अभियान को कॉलेज छात्रों के साथ शिक्षकों एवं आमजन का समर्थन मिल रहा है। बीआर मिर्धा कॉलेज में हस्ताक्षर के लिए लगाए गए पोस्टर पर मंगलवार को श्रीमती माडीबाई मिर्धा कन्या महाविद्यालय की सहायक आचार्य माया जाखड़, […]

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नागौर में विश्वविद्यालय व इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की मांग तेज

नागौर में विश्वविद्यालय व इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की मांग तेज

नागौर. नागौर में विश्वविद्यालय एवं इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने को लेकर राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे अभियान को कॉलेज छात्रों के साथ शिक्षकों एवं आमजन का समर्थन मिल रहा है। बीआर मिर्धा कॉलेज में हस्ताक्षर के लिए लगाए गए पोस्टर पर मंगलवार को श्रीमती माडीबाई मिर्धा कन्या महाविद्यालय की सहायक आचार्य माया जाखड़, सपना मीना, कविता भाटी, अनुराधा छंगाणी आदि ने मेजर प्रेमसिंह बुगासरा के नेतृत्व में हस्ताक्षर कर अभियान को समर्थन दिया।

इस मौके सहायक आचार्य सपना मीना ने कहा कि नागौर में विश्वविद्यालय खोला जाना चाहिए, क्योंकि आमतौर पर छात्राओं की शिकायत रहती है कि उनके नम्बर बहुत कम आ रहे हैं, यहां तक कि उनको पासिंग माक्र्स तक नहीं दिए जा रहे हैं, जबकि उन्होंने 12वीं 95 प्रतिशत से उत्तीर्ण की हैं। ऐसे में हर बालिका के लिए अजमेर जाना संभव नहीं है, जिसके कारण पूरी पढ़ाई करने के बावजूद उनका परिणाम बिगड़ रहा है। यदि नागौर में विवि खुल जाएगा तो छात्र-छात्राएं अपनी बात रख सकेंगी।

इसी प्रकार सहायक आचार्य कविता भाटी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का लक्ष्य है कि उच्च शिक्षा में छात्रों का नामांकन बढ़ाने के लिए उच्च शैक्षिक संस्थान खोले जाएं। सरकार ने भी विजय 2047 के तहत 2030 तक प्रदेश में नए विवि और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की घोषणा की है, जिसके तहत नागौर को विवि व इंजीनियरिंग कॉलेज की सौगात इस बजट में मिलनी चाहिए।

कन्या महाविद्यालय की सहायक आचार्य अनुराधा छंगाणी ने कहा कि नागौर प्रदेश का बड़ा जिला है, यहां लाखों विद्यार्थी कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं, जिनके विश्वविद्यालय से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसके लिए उन्हें अजमेर जाना पड़ता है और यह काफी खर्चिला और समय खराब करने वाला होता है। यदि नागौर में ही विश्वविद्यालय खोला जाए तो लाखों विद्यार्थियों को सुविधा मिलेगी।

पाली से समर्थन देने नागौर आए शिक्षक
पत्रिका अभियान के रविवार को गांधी चौक में हस्ताक्षर के लिए पोस्टर लगाया गया, जहां युवाओं के साथ विद्यार्थियों एवं शहरवासियों ने अपने-अपने हस्ताक्षर कर अभियान को समर्थन दिया। पत्रिका अभियान को समर्थन देने पाली से नागौर आए धर्मपाल बुगासरा ने कहा कि पिछले 15-20 सालों से विश्वविद्यालय व इंजीनियरिंग कॉलेज की मांग की जा रही है, जिसे अब राजस्थान पत्रिका ने पुरजोर तरीके से उठाया है, इसलिए युवाओं का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। राज्य सरकार को बजट 2026-27 में दोनों घोषणा करनी चाहिए। गांधी चौक के दुकानदार कमलकिशोर ने कहा कि विश्वविद्यालय व इंजीनियरिंग कॉलेज नागौर का हक है, जो अब पूरा होना ही चाहिए।

क्या कहते हैं शिक्षक और अधिकारी
दोनों जिलों में 150 से अधिक (29 सरकारी सहित) कॉलेजेज हैं, जहां 2 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। प्रतिभाओं की यहां कोई कमी नहीं है। नागौर, अजमेर से 150 किलोमीटर दूर है। इसलिए बजट 2026-27 में नागौर को विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग कॉलेज की सौगात मिलनी चाहिए।
- प्रेम ताडा, आरएएस 2023 में चयनित

नागौर के युवा जो अपने घरों से दूर जाकर यूनिवर्सिटी या इंजीनियर कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं, उनके लिए यदि नागौर में ही दोनों शिक्षण संस्थान खोल दिए जाएं तो अत्यंत सुविधाजनक रहेगा। इससे गरीब और कमजोर वर्ग के युवाओं को भी हाई एजुकेशन का अवसर मिलेगा।
- एजाज अहमद, छात्र, विधि महाविद्यालय, नागौर

सरकार ने हर ब्लॉक में कॉलेज खोले हैं, लेकिन विश्वविद्यालय की कमी के कारण विद्यार्थियों को दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समान पहुंच के सिद्धांत के विपरीत है। इसलिए नागौर के लिए विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग कॉलेज की घोषणा इसी बजट में हो ।
- जितेंद्र राड़, शिक्षक

नागौर में विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित होने से न केवल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्य साकार होंगे, बल्कि ग्रामीण युवाओं को समान अवसर भी सुनिश्चित होंगे। साथ ही नागौर शहर में वेटरनरी कॉलेज भी खोलना चाहिए, क्योंकि दुग्ध उत्पादन में नागौर जिले का प्रदेश में सातवां स्थान है।
- सुनील बुगासरा, शिक्षक