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यहां पीडि़त महिलाओं को मिल रहा न्याय व संबल

सवाईमाधोपुर. घर से भटकी किशोरियों, युवती व प्रताडऩा से ग्रसित महिलाओं के लिए जिला मुख्यालय पर आलनपुर में टीबी टावर के सामने बना वन स्टॉप सेंटर एक तरह से सहेली के तौर पर मदद दे रहा है। राह से भटकी बेटियों को जहां राह दिखाई जा रही है तो उत्पीडऩ की शिकार महिलाओं को राहत […]

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सवाईमाधोपुर.आलनपुर में संचालित वन स्टॉप सेंटर।

सवाईमाधोपुर. घर से भटकी किशोरियों, युवती व प्रताडऩा से ग्रसित महिलाओं के लिए जिला मुख्यालय पर आलनपुर में टीबी टावर के सामने बना वन स्टॉप सेंटर एक तरह से सहेली के तौर पर मदद दे रहा है। राह से भटकी बेटियों को जहां राह दिखाई जा रही है तो उत्पीडऩ की शिकार महिलाओं को राहत मिल रही है। करीब पांच साल के इस सफर में 507 केसों में से पूरे मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
सवाईमाधोपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 13 अप्रेल 2019 से कोतवाली थाने के पास टीवी टावर के सामने यह केन्द्र खोला गया। केन्द्र खुलने के बाद इसमें घरेलू हिंसा, लैंगिक उत्पीडऩ, मानव तस्करी, गुमशुदा, साइबर क्राइम, बाल विवाह, विवाह में चयन का अधिकार, बाल यौन उत्पीडऩ, छेडख़ानी या पीछा करना आदि महिलाओं से जुड़े प्रकरणों का समाधान किया।
पांच दिन तह रहती है पीडि़ताएं
विभाग की ओर से इनकी काउंसलिंग भी की जाती है और उनको न्याय दिलवाया जाता है। सखी सेंटर में ऐसी पीडि़ताओं को कम से कम पांच दिन तक रखा जाता है लेकिन डिमांड अधिक हो तो 10 दिन तक भी उनको रखने का प्रावधान है। इस योजना में महिलाएं खुलकर अपनी समस्याएं बता रही है। इससे उनको सम्बल तो मिल ही रहा है। वहीं न्याय भी मिला है। साथ ही महिलाओं का हौसला भी बुलंद हुआ है।
महिलाओं को लौटाई खुशियां
अप्रेल 2019 से 27 जुलाई 2024 तक सखी वन स्टॉप सेंटर में पीडि़त महिलाओं से संबंधित 507 मामले पहुंचे। इनमें से अधिकतर घरेलू हिंसा से पीडि़त महिलाओं के मामले थे। सभी केसो को आपसी समझाइश से निपटाए गए। महिलाओं को हंसी-खुशी परिवार के साथ भेजकर उनका घर टूटने से बचाया गया। पीडि़त महिलाओं के लिए सेंटर किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रहा है।


यह है वन स्टॉप सेंटर योजना
हिंसा से पीडि़त महिलाओं व बालिकाओं को एक ही छत के नीचे अस्थायी आश्रय देने के साथ ही पुलिस, विधिक सहायता, चिकित्सा सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर खोले गए है। यहां केन्द्र प्रबंधक के अलावा विजय लक्ष्मी गौतम, सुनीता गौतम व तनु जैन काउंसलर है। वहीं तीन सहायिका व दो गार्ड कार्यरत है।
योजनाओं का करते है प्रचार-प्रसार
वन स्टॉप सेंटर की जानकारी महिलाओं तक पहुंचाने के लिए जिले के प्रत्येक थानों के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों में भी योजना से संबंधित जानकारी वाले पोस्टर लगवाए जा रहे हैं। केन्द्र पर अब तक आए प्रकरणों का निस्तारण कर महिलाओं का सहयोग किया गया है। महिला अधिकारिता विभाग की वन स्टॉप सेंटर योजना तो शानदार हैए लेकिन इसकी जानकारी महिलाओं को होनी चाहिए। सरकार को व्यापक प्रचार.प्रसार करना चाहिएए जिससे महिलाओं को सम्बल मिलेगा।
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पीडि़त महिला को मिलता हैै सहयोग
सखी वन स्टॉप सेंटर में हर प्रकार की पीडि़त महिलाओं व युवतियों को पूरा सहयोग दिया जाता है। भटकाव में आकर घर से जाने वाली लड़कियों से लेकर किसी भी प्रकार की प्रताडऩा की शिकार महिलाओं को यहां पर सुविधा दी जाती है। उनकी काउंसलिंग भी करवाई जाती है। योजना का प्रचार-प्रसार कर रहे है।
अनिता गर्ग, केन्द्र प्रबंधक,सखी वन स्टॉप सेंटर, सवाईमाधोपुर

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