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21% बढ़ा जेंडर बजट, फिर भी असल खर्च कम – सरकार का वादा vs हकीकत!

केंद्रीय बजट में जेंडर बजट की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 9.4% तक पहुंचने का अनुमान है, लेकिन बीते बजट में टॉप 5 मंत्रालयों में से चार ऐसे हैं, जिन्होंने अपने कुल बजट का कम से कम 40% हिस्सा जेंडर कार्यक्रमों पर खर्च करने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन वित्त वर्ष-26 में यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया।

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बजट

केंद्रीय बजट में जेंडर बजट की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 9.4% तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, चालू वित्त वर्ष में असल खर्च शुरुआती बजटीय अनुमान से कम रहने की संभावना है। टॉप 5 मंत्रालयों में से चार ऐसे हैं, जिन्होंने अपने कुल बजट का कम से कम 40% हिस्सा जेंडर कार्यक्रमों पर खर्च करने का लक्ष्य तय किया था, लेकिन वित्त वर्ष-26 में यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया।

खर्च बढ़ा, लेकिन लक्ष्य दूर

दो दशकों में जेंडर बजट के आवंटन में बढ़ोतरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2006 से वित्त वर्ष 2027 के बीच जेंडर बजट करीब 21% बढ़ा और वित्त वर्ष 2027 में 5.01 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इस अवधि में जेंडर बजट की कुल केंद्रीय बजट में हिस्सेदारी लगभग दोगुनी हो गई है। इसके बावजूद कई मंत्रालयों में योजनाओं का असल क्रियान्वयन तय लक्ष्य से पीछे है।

केंद्रीय बजट में जेंडर बजट की हिस्सेदारी (% में)

वित्त वर्षजेंडर बजट हिस्सेदारी (%)
20064.74
20105.5
20145.0
20186.2
20228.02
20267.6
20279.37

वित्त वर्ष 2026 में जेंडर बजट लक्ष्य से पीछे

वित्त वर्ष 2025-26 में जेंडर बजट तय लक्ष्य से पीछे रह गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सीधा असर महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर पड़ सकता है। वित्त वर्ष 2016 के बाद यह पहला मौका है जब जेंडर बजट अपने अनुमानित लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाया।

वित्त वर्षबजट अनुमान (%)असल खर्च (%)बदलाव (%)
20110.680.680
20160.790.812.53
20211.431.526.29
20221.532.0936.6
20231.712.1726.9
20242.233.8472.2
20253.093.5916.18
20260.240.240
20264.493.98-11.6
विभागबजट अनुमान (₹ करोड़)संशोधित अनुमान (₹ करोड़)बदलाव (%)
ग्रामीण विकास1,22,46994,894-23.14%
महिला-बाल विकास21,99419,743-10.23%
नवीकरणीय ऊर्जा10,85510,457-3.67%
स्वास्थ्य-परिवार कल्याण39,43638,625-2.06%
खाद्य-सार्वजनिक वितरण1,07,6391,09,071+1.33%

ग्रामीण विकास विभाग में सबसे ज्यादा 23.14% की कटौती हुई। महिला-बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, इन पांचों विभागों ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने कुल बजट का कम से कम 40% हिस्सा जेंडर बजट के लिए आवंटित किया है।