18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डीजीपी ने जानी दाहोद की कानून व्यवस्था की स्थिति

दाहोद जिले की भौगोलिक स्थिति और अंतरराज्यीय सीमाओं को ध्यान में रखते हुए कई अहम निर्णय किए गए। दाहोद की राजस्थान और मध्य प्रदेश से सटी सीमा के कारण अंतरराज्यीय अपराधियों को रोकने के लिए इंटेलिजेंस साझा करने और संयुक्त कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया।

2 min read
Google source verification
DGP meeting

गुजरात के पुलिस महानिदेशक डॉ. के.एल.एन.राव ने समीक्षा बैठक की।

गुजरात के पुलिस महानिदेशक डॉ. के.एल.एन.राव ने वन डे वन डिस्ट्रिक्ट पहल की है। इसके मद्देनजर ही उन्होंने गांधीनगर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दाहोद जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस ढांचे की समीक्षा की। इस दौरान दाहोद जिले की भौगोलिक स्थिति और अंतरराज्यीय सीमाओं को ध्यान में रखते हुए कई अहम निर्णय किए गए।

दाहोद की कानून-व्यवस्था पर फोकस

डॉ. राव ने पंचमहाल रेंज के महानिरीक्षक एवं दाहोद के जिला पुलिस अधीक्षक के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में दाहोद में प्रभावी पुलिसिंग के लिए आवश्यक संसाधनों और वाहनों की उपलब्धता पर विस्तार से विचार किया गया। दाहोद की राजस्थान और मध्य प्रदेश से सटी सीमा के कारण अंतरराज्यीय अपराधियों को रोकने के लिए इंटेलिजेंस साझा करने और संयुक्त कार्रवाई पर विशेष जोर दिया गया।

पुलिस चौकियों का अपग्रेडेशन एवं भवन निर्माण

बैठक में दाहोद में पुलिस चौकियों और आउटपोस्ट के उन्नयन के साथ-साथ पुलिस आवास और विभागीय इमारतों के निर्माण की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। डॉ. राव ने संबंधित शाखाओं को दाहोद जिले की मांगों का तत्काल परीक्षण करने के निर्देश दिए। जिन मामलों में नीति स्तर पर मंजूरी या अतिरिक्त बजट की आवश्यकता है, उनके प्रस्तावों को गृह विभाग को शीघ्र भेजने के भी आदेश दिए गए।

डिजिटल पुलिसिंग और कल्याणकारी योजनाएं

डिजिटल पुलिसिंग को गति देने के लिए आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की भलाई के लिए कल्याणकारी योजनाओं तथा पुलिस लाइन के बच्चों में खेलकूद के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन ढांचे पर भी चर्चा की गई।

त्वरित समाधान की दिशा में पहल

डॉ. राव ने जिले की आवश्यकताओं का आकलन कर त्वरित समाधान लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि वन डे वन डिस्ट्रिक्ट पहल का उद्देश्य जिला स्तर की पुलिसिंग में आ रही चुनौतियों को प्रत्यक्ष रूप से समझना और प्रशासनिक प्रक्रिया को गति देते हुए ज़रूरत के अनुसार तत्काल समाधान प्रदान करना है।