
ग्राम पंचायत झारडा के 25 कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा आवेदन कम वेतन और अस्थायी सेवा से कर्मचारी परेशान
झारड़ा.ग्रम पंचायत झारडा में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि एवं स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों के अनुसार पंचायत में लगभग 25 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें वर्तमान में कलेक्टर द्वारा निर्धारित मजदूरी दर से भी कम वेतन पर कार्य करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच इतनी कम आय में परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से पंचायत के विभिन्न कार्यों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनकी आर्थिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
कर्मचारियों ने बताया कि उनमें से कई कर्मचारी पिछले 25 से 30 वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें शासन की किसी भी योजना या सुविधा का लाभ नहीं मिला है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि इतने लंबे समय तक सेवा देने के बाद भी उनके स्थायीकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिलता है, जबकि पंचायत स्तर पर कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी इन सुविधाओं से वंचित हैं। कर्मचारियों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें भी अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह सभी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जाए।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने न्यूनतम मासिक वेतन 18 हजार से 20 हजार रुपये निर्धारित करने तथा सभी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी नियुक्ति देने की मांग की है। कर्मचारियों ने आशा व्यक्त की है कि मुख्यमंत्री उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे और शीघ्र निर्णय लेकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगें पूरी होती हैं तो उनका भविष्य सुरक्षित होगा और वे सम्मानजनक जीवन यापन कर सकेंगे। पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों का यह मुद्दा अब प्रशासन और सरकार के सामने प्रमुख मांग के रूप में सामने आया है।
Updated on:
13 Feb 2026 07:11 pm
Published on:
13 Feb 2026 07:10 pm
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