
अभिषेक सिंघल
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी का नया नेतृत्व अब एक-एक चुनाव को अत्यधिक गंभीरता से ले रहा है। खास कर कांग्रेस के शासन वाले राज्यों में। नए अध्यक्ष नितिन नवीन ने बेंगलुरू और तेलंगाना में म्युनिसिपल चुनावों के लिए दिग्गज नेताओं को कमान सौंप कर संदेश दिया है कि पार्टी हर चुनाव को पूरी तैयारी और रणनीति के साथ लड़ेगी।
ग्रेटर बेंगलुरू नगर निगम के प्रभारी बनाए गए बीजेपी के पूर्व महासचिव राम माधव ने 2024 के जम्मू कश्मीर चुनाव में प्रभारी के रूप में भारतीय जनता पार्टी को अच्छी स्थिति दी थी। वही बेंगलुरू में सह प्रभारी बनाए गए राजस्थान के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने हरियाणा प्रभारी के रूप में भाजपा की वापसी में अहम भूमिका निभाई। गौरतलब है कि हरियाणा के चुनाव के फार्मुले को बाद में भाजपा लगातार दोहरा रही है और इसे एक विनिंग रेसिपी के रूप में देखा जा रहा है। वहीं बोरीवली में एक लाख से अधिक मतों से जीतने वाले उत्तर प्रदेश मूल के संजय उपाध्याय को भी सह प्रभारी बनाया गया है। बेंगलुरू में बड़ी संख्या में राजस्थानी व उत्तर भारतीय प्रवासी मतदाताओं को साधने के लिहाज से यह महत्वपूर्ण है।
बेंगलुरु की 28 विधानसभा सीटों में भाजपा ने 16 सीटें जीतीं और कांग्रेस के हिस्से 12 सीटें आई थी। वहीं 2024 के लोकसभा चुनावों में, बीजेपी ने बेंगलुरु की सभी चार सीटें जीतीं। पिछले साल ग्रेटर बेंगलुरू अथॉरिटी बनाने के बाद अब बीबीएमपी 5 निगमों का एक समूह है जिसमें बेंगलुरु शहर के अलावा कई कस्बे और 120 से ज्यादा गांव शामिल हैं। 90 लाख मतदाताओं और 369 निगम वार्डों के साथ, यह राज्य के लिए मिनी विधानसभा चुनाव है। कांग्रेस ने बीबीएमपी के चुनाव बैलेट पेपर से करवाने का निर्णय किया है। बीजेपी यहां प्रभावी जीत दर्ज कर ईवीएम से छेड़ छाड़ के आरोपों को भी खारिज करना चाहती है।
तेलंगाना में 116 म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के चुनाव होने हैं। स्थानीय निकायों के चुनाव प्रदेश सरकार के समर्थन के रूप में देखे जाते हैं ऐसे में भाजपा इन चुनावों को एक तरह से तेलंगाना की रेवन्त रेड्डी सरकार के लिए चुनौती खड़ी करने के रूप में ले रही है। यहां निकाय चुनाव में जीत मिलने पर आगामी विधानसभा चुनावों में जमीन तैयार हो सकती है। महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार को बीएमसी के चुनाव से स्थानीय निकायों में चुनाव जीतने का अच्छा अनुभव है। शेलार पहले भी ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चुनाव संभाल चुके हैं। उन्हें प्रभारी बनाया गया है। वहीं सह प्रभारी लगाए गए राजस्थान के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी जयपुर नगर निगम के मेयर रहे हैं और उन्हें स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली और चुनाव प्रबंधन में माहिर माना जाता है।
दूसरी सह प्रभारी सांसद रेखा शर्मा ने महिला आयोग के अध्यक्ष के रूप में महिला मुददों पर बहुत काम किया है। यादव के प्रभारी रहते हैदराबाद में जीते थे 48 सीट यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्य से बाहर के नेताओं को निकाय चुनावों के लिए प्रभारी लगाया गया हो। इससे पहले ग्रेटर हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के चुनाव की कमान केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव को सौंपी गई थी। तब भाजपा ने 48 सीट जीती थी। जबकि टीआएस ने 55 और एआईएमआईएम ने 44 सीट जीती थी। एआईएमआईएम को पीछे छोड़ना भाजपा की एक बड़ी कामयाबी रही थी।
Published on:
23 Jan 2026 11:15 am

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