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गाजियाबाद में शिक्षिका की सजा से चली गई छात्र की आंख की रोशनी

परिवार का कहना है कि पहले स्कूल प्रबंधन ने बच्चे के पूरे इलाज का खर्च उठाने की बात कही और अब फोन हीं नहीं उठा रहे।

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Ghazibad News

प्रतीकात्मक फोटो ( स्रोत Gemini )

NCR School : गाजियाबाद के एक स्कूल में हैरान कर देने वाला सामने आया है। आरोप है कि शिक्षिका ने छात्र की आंख पर छड़ी मार दी जिससे छात्र की आंख की रोशनी चली गई। छात्र के परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने इतनी बड़ी घटना को गंभीरता से नहीं लिया और एक सामान्य चिकित्सक को आंख दिखाकर बच्चो को घर भेज दिया। इतना ही नहीं शिक्षिका के खिलाफ भी कोई कार्यवाही नहीं। आरोप यह भी है कि विरोध करने पर परिवार को ही धमकाया। अब इस मामले में छात्र के पिता की तहरीर पर वेव सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

ऑपरेशन के बाद भी नहीं आई रोशनी

घटना दो माह पहली है। अभी तक परिवार के लोग छात्र का उपचार करवा रहे थे लेकिन उपचार के बाद भी छात्र की आंख की रोशनी वापस नहीं लौट सकी। इसके बाद परिवार के लोगों ने FIR दर्ज करवाई। पुलिस ने इस मामले में शिक्षिका के साथ-साथ स्कूल के प्रधानाचार्य और मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। अब देखना यह है कि इस मामले में पुलिस जांच किस और जाती है। फिलहाल घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और बच्चे के परिवार के लोग बेटे की आंख को लेकर चिंतित हैं।

ये है पूरा मामला ( NCR School )

गाजियाबाद के महरौली के रहने वाले प्रवीण कुमार के अनुसार यह घटना 20 दिसंबर की है। उनका 14 वर्षीय बेटा क्लास में था। उसका पैन गिर गया तो वह अपना पैन उठा रहा था इसी दौरान शिक्षिका ने उसे छड़ी मार दी। छड़ी की नोक बच्चे की आंख में घुस गई। इस घटना को स्कूल प्रबंधन ने गंभीरता से नहीं लिया और एक स्थानीय चिकित्सक से जांच कराने के बाद उनके बेटे को घर भेज दिया। बाद में जब बच्चे की हालत बिगड़ी तो परिजन उसे लेकर कवि नगर स्थित एक अस्पताल पहुंचे जहां से उसे भर्ती किया गया लेकिन बाद में वहां से भी चिकित्सकों ने हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद नोएडा स्थित एक बड़े अस्पताल में उन्होंने बेटे की आंख का ऑपरेशन कराया लेकिन इसके बाद भी आंख की रोशन नहीं लौट सकी।

इसलिए दर्ज कराई परिवार ने FIR

परिवार का कहना है कि पहले तो अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में पूरा खर्च उठाने की बात कही थी लेकिन अब प्रबंधन ने फोन उठाना बंद कर दिया और इलाज का खर्च देने से भी इंकार कर दिया। इसके बाद परिवार के लोग पुलिस थाने पहुंचे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस पूरी घटना का सबसे दुखद पहलू यही है कि बच्चे की आंख की रोशनी चली गई है। अब परिवार वालों को यही चिंता सताए जा रही है कि उनका बेटा उम्र बच्चा अपनी इस आंख से देख पाएगा या नहीं।