
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत कॉरिडोर के अलाइनमेंट को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में हाई-स्पीड क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। सीएम सैनी ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरों में आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण है। लगभग 15,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
एनसीआरटीसी (NCRTC) के प्रस्ताव के अनुसार गुरुग्राम में इस कॉरिडोर पर छह मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा इफ्को चौक (IFFCO Chowk) और सेक्टर-61 में दो बड़े इंटीग्रेटेड आरआरटीएस-सह-मेट्रो हब विकसित किए जाएंगे। इन हब की मदद से यात्रियों को हाई-स्पीड क्षेत्रीय ट्रेन और स्थानीय मेट्रो सेवाओं के बीच आसान और तेज ट्रांसफर सुविधा मिलेगी।
गुरुग्राम में प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन शहर के प्रमुख रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों को ध्यान में रखकर तय किए गए हैं। इनमें प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन सेक्टर 29, मिलेनियम सिटी सेंटर, सेक्टर 52, वजीराबाद, सेक्टर 57 और सेक्टर 58/61 शामिल हैं। इन स्टेशनों से शहर के घनी आबादी वाले इलाकों और बिजनेस हब को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
इस परियोजना की खास बात यह है कि एक ही कॉरिडोर पर दो तरह की सेवाएं संचालित की जाएंगी। नमो भारत हाई-स्पीड ट्रेन गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा के बीच तेज इंटरसिटी यात्रा के लिए चलेगी। वहीं मेट्रो सेवाएं गुरुग्राम के भीतर रोजाना कम दूरी की यात्रा करने वाले लोगों के लिए उपलब्ध होंगी।
प्रस्तावित कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 64 किमी होगी, जिसमें से लगभग 52 किमी हिस्सा हरियाणा में पड़ेगा और यह गुरुग्राम व फरीदाबाद के प्रमुख क्षेत्रों को कवर करेगा।
इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके पूरा होने के बाद NCR में क्षेत्रीय आवाजाही का स्वरूप काफी बदल सकता है।
अत्याधुनिक तकनीक से लैस नमो भारत ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 180 किमी प्रति घंटा होगी, जिससे फरीदाबाद से नोएडा का सफर मात्र 20 मिनट में पूरा होने की संभावना है। यह कॉरिडोर न केवल दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट बल्कि जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच भी सीधा जुड़ाव प्रदान करेगा। साथ ही इस परियोजना को दिल्ली मेट्रो की येलो लाइन, सेक्टर-61 की रैपिड मेट्रो और प्रस्तावित गुरुग्राम मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
फरीदाबाद में सैनिक कॉलोनी से बादशाहपुर तक 16 किमी के एकीकृत खंड को मंजूरी दी गई है। यह हिस्सा NIT, बाटा चौक और सेक्टर 12 से 15 जैसे महत्वपूर्ण इलाकों को कवर करेगा और दिल्ली मेट्रो की वॉयलेट लाइन से जुड़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट से सीधा जुड़ाव और बेहतर परिवहन सुविधाओं के कारण फरीदाबाद और गुरुग्राम के इन इलाकों में आवासीय परियोजनाओं में तेजी आएगी और जमीन के दाम आसमान छुएंगे। बेहतर परिवहन सुविधाओं से नई आवासीय परियोजनाओं के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके साथ ही, सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होने से प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आने की उम्मीद है।
Updated on:
04 Mar 2026 10:42 am
Published on:
04 Mar 2026 10:41 am
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