
दिल्ली में पुलिस पर पथराव मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ऐमन रिजवी तलब।
Influencer Aiman Rizvi: दिल्ली में छह जनवरी को फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस पर पथराव मामले में अब तक 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसके अलावा पुलिस के राडार पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी आ गए हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने अब तक करीब 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की पहचान की है। इनपर मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गलत तरीके से अफवाह बनाकर फैलाने का आरोप है।
इसके अलावा इस मामले में समाजवादी पार्टी के एक सांसद का नाम भी सामने आया है। पुलिस बहरहाल सपा सांसद की भूमिका की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही सपा सांसद को भी नोटिस भेजा जा सकता है। इस मामले में पहले 13 लोग गिरफ्तार किए गए थे, जबकि तीन लोग शनिवार को गिरफ्तार किए गए। पुलिस सूत्रों की मानें तो अब दिल्ली के जामिया इलाके की रहने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ऐमन रिजवी को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के दौरान पुलिस पार्टी पर हमला मामले में अब तक 16 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें दिल्ली निवासी नावेद, फैज, उबैदुल्ला, मोहम्मद आरिब, मोहम्मद काशिफ, कैफ, अदनान के अलावा समीर हुसैन, मो. अतहर, शाहनवाज, इमरान, मोहम्मद इमरान उर्फ राजू, अफ्फान, आदिल, आमिर हमजा समेत अन्य लोग शामिल हैं। इसके अलावा 10 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी पुलिस की राडार पर हैं। इसी में से एक ऐमन रिजवी को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। दूसरी ओर ऐमन रिजवी ने मीडिया को बताया कि अभी तक उन्हें पुलिस का कोई नोटिस या समन नहीं मिला है। अगर उन्हें नोटिस या समन मिलता है तो वह जांच में जरूर शामिल होंगी। इसके अलावा उन्होंने पुलिस पार्टी पर पत्थर और कांच की बोतलों से हुए हमले को निंदनीय बताया।
HT से बातचीत में इन्फ्लुएंसर ऐमन रिजवी ने खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताया। उन्होंने कहा "मुझे अभी तक पुलिस की ओर से कोई समन या नोटिस नहीं मिला है। हालांकि घटना वाले दिन मैं एक शादी समारोह में थी। घटना रात साढ़े 12 बजे की है, जबकि मैंने सुबह चार बजे वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उस वीडियो में मैंने किसी से मस्जिद के पास जमा होने को नहीं कहा था।" इसके अलावा ऐमन रिजवी ने पुलिस पर हुए हमले को निंदनीय बताते हुए कहा "मुझे कोई फोन भी आएगा तो मैं पुलिस जांच में पूरा सहयोग करूंगी। पुलिस या प्रशासन के खिलाफ गुस्सा जाहिर करने का ये तरीका गलत है।"
दूसरी ओर पुलिस सूत्रों की मानें तो एक दूसरे इन्फ्लुएंसर सलमान को भी तलब करने की बात कही जा रही है। उसकी भी सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने में भूमिका की छानबीन की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पत्थरबाजी की घटना की कई एंगलों पर जांच की जा रही है। इसमें डिजिटल सबूतों और अन्य इनपुट के आधार पर गलत जानकारी फैलाने वालों की पहचान के साथ ही हिंसा से जुड़े संदिग्धों की पहचान तक शामिल है।
दिल्ली के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त सेंट्रल निधिन वल्सन ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य इनपुट के आधार पर पत्थरबाजों की पहचान की जा रही है। दूसरी ओर, एमसीडी के उपायुक्त ने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास तकरीबन 36000 वर्ग फुट जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। इस दौरान सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाए गए डायग्नोस्टिक सेंटर और बैंक्वेट हॉल्स की दीवारें गिराई गईं। इसी बीच सोशल मीडिया पर फैली अफवाह के चलते मौके पर 150 से 200 लोगों की भीड़ जुट गई। इस भीड़ ने एमसीडी और पुलिस टीम पर पत्थर और कांच की बोतलें फेंकनी शुरू कर दी। इसमें एसएचओ समेत पांच पुलिसवाले घायल हो गए। प्रशासन की ओर मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले में व्हाट्सएप ग्रुपों से अफवाह फैलाने की बात सामने आ रही है। इलाके में ऐसे करीब चार से पांच व्हाट्सएप ग्रुप एक्टिव हैं, जिनपर मस्जिद गिराने का मैसेज फॉरवर्ड किया गया। यह मैसेज इतनी तेजी से वायरल हुआ कि मौके पर कुछ ही देर में करीब 200 लोगों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि अब मौके पर शांति है। इसके बावजूद किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किया गया है। इसी सिलसिले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ऐमन रिजवी को भी तलब किया गया है। ऐमन रिजवी जामिया इलाके की रहने वाली हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो ऐमन रिजवी ने तुर्कमान गेट और फैज-ए-इलाही मस्जिद को लेकर सोशल मीडिया पर विवादित और भड़काऊ पोस्ट डाले थे। ऐमन की सोशल मीडिया पर अच्छी फैन-फॉलोइंग है।
Published on:
10 Jan 2026 05:18 pm
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