
गंगोत्री धाम विवाद पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने दिया बयान
Gangotri Dham Controversy: गंगोत्री धाम को लेकर चल रहा विवाद अब और गहराता नजर आ रहा है। यह मामला अब राजनीतिक बहस में बदल रहा है। इस फैसले को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने सामने आकर प्रतिक्रिया दी है। इसी बीच ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखी है। दरअसल, रविवार को उत्तराखंड की गंगोत्री मंदिर समिति ने गैर-हिंदुओं की मंदिर में एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। समिति का कहना है कि कई बार गैर-हिंदू लोग सिर्फ घूमने के लिए आते हैं और उनसे ऐसी गलती हो जाती है जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। विपक्षी दल का कहना है कि यह फैसला धर्म और आस्था से ज्यादा राजनीति से जुड़ा है और इसे बीजेपी के एजेंडा के रूप में देखा जा रहा है।
ANI से बातचीत के दौरान ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि हमारी मस्जिदें, मदरसे और धार्मिक जगहें हर धर्म के लोगों के लिए खुली हैं। किसी भी धर्म का व्यक्ति आकर देख सकता है कि वहां क्या होता है, क्या सिखाया जाता है और वहां रहने वाले लोग कैसी सोच रखते हैं। उन्होंने हिंदू, सिख, ईसाई, हर धर्म के लोगों को आने का न्योता दिया। रशीदी ने कहा कि अक्सर उन पर आरोप लगाए जाते हैं कि मदरसे में गलत तरह की चीजें सिखाई जाती हैं। इन्हीं आरोपों को दूर करने के लिए उन्होंने सभी धर्म के लोगों को आकर देखने के लिए कहा।
उन्होंने आगे कहा कि कोई भी धर्म किसी इंसान से नफरत करना नहीं सिखाता। उनका कहना था कि उन्होंने वेद, गीता, उपनिषद, रामायण और मनुस्मृति जैसे कई धार्मिक ग्रंथ पढ़े हैं और सभी में प्रेम, भाईचारे और इंसानियत की ही बात कही गई है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि धर्म यह नहीं कहता है कि दूसरे धर्म के लोगों को किसी धार्मिक स्थल पर जाने से रोका जाए। जो लोग ऐसी गतिविधि में शामिल हैं, उनकी नीयत सही नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों पर एजेंसियों को भी कड़ी नजर रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर खुले तौर पर ऐसे लोग सामने आ रहे हैं जो कहते हैं कि उन्हें ऐसे लोग चाहिए जो मुसलमानों के खिलाफ लड़ सकें। पहले के समय में इसे गोरिल्ला युद्ध जैसे नामों से जाना जाता था। उन्होंने आशंका जताई कि हो सकता है वहां इसी तरह की किसी ट्रेनिंग या प्लानिंग की तैयारी की जा रही हो, इसलिए इस तरह के प्रतिबंध लगाए जा रहे हों कि किसी की नजर में नहीं आए। मौलाना ने साफ कहा कि पाबंदी वही लोग लगाते हैं जिनके मन में खोट होता है। उनके अनुसार, धर्म के नाम पर नफरत फैलाने की कोशिश समाज के लिए ठीक नहीं है।
Updated on:
27 Jan 2026 03:00 pm
Published on:
27 Jan 2026 01:47 pm

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