नई दिल्ली, Jun 04, 2026

PHOTO IANS
Gurugram family death in delhi fire: देश की राजधानी दिल्ली का दर्दनाक अग्निकांड जिसने सबकी रूंह कपा दी है। हादसे में हुई 21 लोगों की मौत ने हर किसी का दिल दहला दिया है। 21 में से 8 मौतें गुरुग्राम के ही एक परिवार की हुई है। जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम में रहने वाला पूरा परिवार कैंसर से जूझ रहे पिता से मिलने के लिए दिल्ली आया था, लेकिन किसे पता था पिता को ठीक करके घर ले जाने की उम्मीद सिर्फ उम्मीद ही बनकर रह जाएगी। सीए विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी, दो बेटियां और मां समेत आठ रिश्तेदार पहुंचे थे। गुरुग्राम में जब एक साथ परिवार के पांच सदस्यों की अर्थियां उठीं, तो माहौल इस कदर हो गया जिसको शब्दों में बता पाना भी मुश्किल है। हर तरफ से चीख-पुकार और रोने की आवाजें आने लगीं। माने कुछ देर के लिए समय थम गया हो और हर तरफ दुख का मंजर हो।
दिल्ली के मालवीय नगर के होटल में लगी भीषण आग ने गुरुग्राम के एक हंसते-खेलते परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ दी। जिस परिवार ने अपने बुजुर्ग पिता की अंतिम घड़ियों में उनके साथ रहकर उनको हिम्मत देने का फैसला लिया था, शायद उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं होगा की यह फैसला सबकी मुलाकात का आखिरी फैसला होगा। इस दर्दनाक हादसे में चार्टर्ड अकाउंटेंट विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी, दो बेटियों, मां और अन्य रिश्तेदारों समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई।
हादसे में परिवार के 8 लोगों की एक साथ मौत हो गई। जिसमें परिवार के सीए विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, मां हेमलता अग्रवाल, बेटी जिविशा अग्रवाल और वारया अग्रवाल शामिल थी। बेटियों को परिवार प्यार से एंजल और पर्ल भी बुलाता था। साथ ही मौसा जवरी लाल, मौसी कमला और मामा अशोक पंसारी की भी मौत हुई है। आपको बता दें कि उनके मौसा-मौसी राजस्थान के अजमेर से आए थे, जबकि मामा किशनगंज से आए थे। दिल्ली के मैक्स अस्पताल में वेंटिलेटर पर मौजूद राधेश्याम अग्रवाल को अस्पताल में देखने के लिए सभी दिल्ली पहुंचे थे। इसी दौरान वे होटल फ्लोरिश में रुके थे और हादसे का शिकार हो गए।
जिनमें से से पांच शवों को अंतिम संस्कार के लिए पहले गुरुग्राम लाया गया और सेक्टर 46 स्थित घर में ले जाया गया। यहां कुछ देर अंतिम दर्शन के लिए पांचों शवों को रखा गया। इसके बाद सेक्टर 32 के श्मशान घाट पर रिश्तेदारों ने परिवार के सदस्यों का अंतिम संस्कार किया। परिवार के लोगों के साथ उनके पड़ोसी भी इस दौरान श्मशान घाट पर मौजूद रहे। वहीं विवेक अग्रवाल के घर के बाहर सांत्वना देने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है।
Updated on: 04 Jun 2026 08:01 pm


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