
मध्य प्रदेश के बागेश्वर पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री।
Dhirendra Krishna Shastri: राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारत मंडपम में आयोजित मोरारी बापू की रामकथा में पहुंचे मध्य प्रदेश स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिन्दुत्व को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका यह बयान तब सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले में पहुंचे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का विवाद गरमाया हुआ है। हालांकि उन्होंने उस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन हिन्दुत्व को लेकर बड़ा बयान जरूर दिया। मोरारी बापू की राकमथा में हिस्सा लेने के बाद मीडिया के सामने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सनातन धर्म, विश्व शांति और सामाजिक एकता को लेकर अपने विचार रखे।
एएनआई से बातचीत में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा "हमें दिल्ली में पूज्य मुरारी बापू जी की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जहां आचार्य लोकेश मुनि जी ने एक अभूतपूर्व विश्व शांति केंद्र की स्थापना और सनातन धर्म के लिए पूरे भारत को एकजुट करने का कार्य किया। हमें बोलने और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर भी मिला। हम इस असाधारण प्रयास के लिए आचार्य लोकेश मुनि जी के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। चूंकि इस देश में जन्म लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति सनातनी है, इसलिए उन्होंने घोषणा की कि आज से उन्हें आचार्य लोकेश मुनि सनातनी के नाम से जाना जाएगा।"
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक सवाल के जवाब में आगे कहा "देखिए, यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का युग है। रील फिल्मों के इस युग में हमें वास्तविकता से विमुख नहीं होना चाहिए। इस कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में हमें अब हिंदुत्व बुद्धिमत्ता (HI) की आवश्यकता है। यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ-साथ देश को हिंदुत्व बुद्धिमत्ता (HI) की सख्त जरूरत है। धर्म ही देश में एकता ला सकता है। धर्म ही दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध से बचा सकता है। धर्म ही दुनिया में शांति ला सकता है और धर्म ही व्यक्तियों को अनैतिक कार्यों का सहारा लेने से रोकेगा।"
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दिल्ली स्थित भारत मंडपम में मोरारी बापू की उपस्थिति में आयोजित रामकथा कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। जहां आचार्य लोकेश मुनि द्वारा स्थापित किए जा रहे विश्व शांति केंद्र की परिकल्पना और उसके उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि इस देश में जन्म लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति मूल रूप से सनातनी है।
इसी भावना के साथ उन्होंने घोषणा की कि अब से आचार्य लोकेश मुनि को 'आचार्य लोकेश मुनि सनातनी' के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने इसे सनातन चेतना को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संतों, धर्मगुरुओं और श्रद्धालुओं ने भी विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव और सनातन मूल्यों के संरक्षण पर अपने विचार साझा किए। आयोजन का समापन शांति, एकता और अहिंसा के संदेश के साथ हुआ, जिसने उपस्थित जनसमूह पर गहरी छाप छोड़ी।
Published on:
21 Jan 2026 05:41 pm
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