
शिल्पकार का अनोखा रिकॉर्ड (Photo Source- Patrika Input)
जावद से कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट
Unique Record :मध्य प्रदेश के नीमच और मंदसौर जिले, जिन्हें "काले सोने" यानी अफीम का गढ़ माना जाता है, वहां इन दिनों खेतों में अफीम की फसल लहलहा रही है। इसी प्राकृतिक सुंदरता से प्रेरित होकर जावद के प्रसिद्ध स्वर्ण शिल्पकार राजेश सोनी ने अपने हुनर का ऐसा जादू बिखेरा है कि देखने वाले दंग रह गए। उन्होंने शुद्ध पीले सोने से अफीम के डोडे की दुनिया की सबसे छोटी प्रतिकृति बनाई है, जो आकार में इतनी सूक्ष्म है कि इसे सुई की नोक पर भी रखा जा सकता है।
इस नायाब कलाकृति की सबसे बड़ी विशेषता इसका सूक्ष्म आकार और वजन है। शिल्पकार राजेश सोनी ने बताया कि 24 कैरेट शुद्ध सोने से निर्मित इस डोडे का वजन मात्र 50 मिलीग्राम है। इसकी लंबाई केवल 5 मिमी (5mm) और चौड़ाई 3 मिमी (3mm) है। यह इतनी छोटी है कि इसे खस-खस (पोस्ता दाना) के दानों के बीच या एक साधारण सुई की नोक पर आसानी से रखा जा सकता है।
इतनी बारीक कलाकृति को बनाना आसान नहीं था। राजेश सोनी ने बताया कि इसे बनाने में उन्हें दो दिन का समय लगा। चूँकि इसमें डोडा, पत्तियां और फूल के पार्ट्स बहुत छोटे थे, इसलिए उन्हें जोड़ने में बेहद सावधानी बरतनी पड़ी।
गैस की बहुत ही धीमी लौ पर माइक्रो-वेल्डिंग की गई। जरा सी असावधानी से सोना पिघल जाता था। सफलता मिलने से पहले ये कलाकृति पांच बार बिगड़ी, लेकिन राजेश ने हार नहीं मानी और अंत 'काले सोने' की हुबहू नकल 'पीले सोने' में उकेर दी।
राजेश सोनी क्षेत्र में अपनी सूक्ष्म स्वर्ण कला के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले वे अंगूठे के नाखून पर टिकने वाला दुनिया का सबसे छोटा ताज महल बना चुके हैं (ताज महल को सेवन वंडर्स में शामिल करने के अभियान के दौरान)। साथ ही, सोने से सबसे छोटा वर्ल्ड कप भी बना चुके हैं।
राजेश सोनी का सपना है कि उनकी यह कृति 'गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' और अन्य प्रतिष्ठित रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज हो। वे अपनी इस कला के माध्यम से न केवल जावद नगर का, बल्कि पूरे नीमच जिले का नाम पूरी दुनिया में रोशन करना चाहते हैं। अफीम का सीजन होने के कारण ये कलाकृति क्षेत्र के किसानों और कला प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
Published on:
09 Feb 2026 07:33 am
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