
260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने की तैयारी। (फोटो- IANS)
भारतीय रेलवे ने 260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है। इन ट्रेनों को चरणबद्ध तरीके से यात्रियों के लिए शुरू किया जाएगा।
फिलहाल दो वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें हावड़ा-कामाख्या रूट पर पहले से चल रही हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जनवरी 2026 को हरी झंडी दिखाई थी।
ये ट्रेनें लंबी दूरी की यात्रा के लिए डिजाइन की गई हैं और यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ तेज और आरामदायक सफर का अनुभव देती हैं।
हावड़ा से कामाख्या के बीच 972 किलोमीटर की दूरी में चल रही यह ट्रेन सिर्फ 14 घंटे में सफर तय करती है, जबकि पुरानी ट्रेनें इसी रूट के लिए 16 घंटे से ज्यादा समय लेती हैं।
किराये की बात करें तो हावड़ा से कामाख्या तक थ्री-टियर एसी में 2,299 रुपये, टू-टियर एसी में 2,966 रुपये और फर्स्ट क्लास में 3,640 रुपये लगेंगे।
इसके अलावा 5 फीसदी जीएसटी अलग से देना होगा। यह किराया राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ा ज्यादा है लेकिन सुविधाएं और तेज रफ्तार इसे खास बनाती हैं।
इन ट्रेनों में आरएसी या वेटिंग टिकट नहीं मिलेगा, सिर्फ रिजर्व्ड सीट का टिकट ही बुक हो सकता है। इन ट्रेनों का निर्माण भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) और चेन्नई की कोच फैक्ट्री में हो रहा है।
रेलवे बोर्ड ने बुधवार को एक आदेश जारी किया है जिसके मुताबिक नेपाल और बांग्लादेश की सीमा से लगे इलाकों में आरक्षित ट्रेनों में यात्रा करने के लिए फोटो वाला पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य है।
इस नियम के अनुसार कम से कम एक यात्री के पास असली फोटो पहचान पत्र होना जरूरी है, नहीं तो सभी यात्रियों को बिना टिकट माना जा सकता है।
यह नियम सुरक्षा बढ़ाने के लिए लागू किया गया है। भारत और बांग्लादेश के बीच पांच रेल जोड़ हैं और नेपाल के साथ जयनगर-कुर्था तथा रक्सौल-सिरसिया जैसे रेल कनेक्शन हैं।
इन रूटों पर विशेष चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं जो यात्रियों की जानकारी वेरिफाई करते हैं और सीमा पार होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकते हैं।
Updated on:
07 Feb 2026 06:34 pm
Published on:
07 Feb 2026 06:31 pm
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