
विदेश सचिव विक्रम मिसरी। (फोटो- ANI)
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि भारत अपने सबसे खास साथी रूस से तेल खरीदेगा या नहीं।
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलकर यह कह दिया है कि भारत अब रूस से नहीं बल्कि अमेरिका या वेनेजुएला से तेल खरीदेगा।
ट्रंप के दावे के बाद अब भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से ताजा बयान सामने आया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को कहा कि भारत के एनर्जी से जुड़े फैसले देश के हित को ध्यान में रखकर लिए जाते रहेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की एनर्जी पॉलिसी उपलब्धता, सही कीमत और सप्लाई पर निर्भर है।
विदेश मंत्रालय की एक स्पेशल ब्रीफिंग में मिसरी ने कहा कि एनर्जी सेक्टर में फैसले, चाहे सरकार द्वारा लिए जाएं या बिजनेस द्वारा देश के हितों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे।
मिसरी ने साफ किया कि तेल कंपनियां बाजार की स्थितियों के आधार पर खरीद के फैसले लेती हैं। जिसमें उपलब्धता, रिस्क असेसमेंट, लागत और लॉजिस्टिक्स शामिल हैं।
उन्होंने कहा- जहां तक एनर्जी की असल सोर्सिंग की बात है, यह काम तेल कंपनियां करती हैं, जो मार्केट की स्थितियों के आधार पर फैसले लेती हैं। वे उपलब्धता का आकलन करती हैं, जोखिमों का मूल्यांकन करती हैं, लागतों का विश्लेषण करती हैं और अपने अंदरूनी जवाबदेही प्रक्रियाओं व फिड्यूशरी जिम्मेदारियों का पालन करती हैं।
मिसरी ने कहा- भारत तेल और गैस सेक्टर में नेट इंपोर्टर है। हम एक डेवलपिंग इकॉनमी हैं और हमें अपने रिसोर्स की अवेलेबिलिटी का ध्यान रखना होगा। जब आप 80-85 परसेंट तक इंपोर्टेड रिसोर्स पर डिपेंडेंट होते हैं, तो इंपोर्ट कॉस्ट से होने वाली महंगाई की संभावना को लेकर भी चिंता होती है। इसलिए यह हैरानी की बात नहीं है कि जहां तक एनर्जी का सवाल है, हमारी सबसे पहली प्रायोरिटी भारतीय कंज्यूमर्स के हितों की रक्षा करना है।
हाल के सालों में ग्लोबल एनर्जी मार्केट में उतार-चढ़ाव पर रोशनी डालते हुए विदेश सचिव ने कहा कि भारत कई दूसरे देशों के साथ स्टेबल एनर्जी प्राइस और स्टेबल सप्लाई में एक जैसा इंटरेस्ट रखता है।
मिसरी ने कहा- हमारा मकसद यह पक्का करना है कि उन्हें भरोसेमंद और सिक्योर सप्लाई के जरिए सही कीमत पर काफी एनर्जी मिले। जहां तक एनर्जी का सवाल है, हमारी इंपोर्ट पॉलिसी इन्हीं मकसदों से चलती है।
मिसरी ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत अपने क्रूड ऑयल इंपोर्ट के लिए किसी एक सोर्स पर निर्भर नहीं है, बल्कि दर्जनों देशों से एनर्जी लेता है। उन्होंने यह भी कहा कि इंपोर्ट सोर्स का मिक्स स्वाभाविक रूप से मार्केट की स्थितियों के साथ बदलता रहता है।
Updated on:
09 Feb 2026 09:42 pm
Published on:
09 Feb 2026 08:29 pm
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