भारत, May 29, 2026

फोटो में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पीएम मोदी (सोर्स: ANI)
India-US Trade Agreement: ईरान और अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक गुड न्यूज सामने आई है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच बड़ी ट्रेड डील अगले कुछ हफ्तों या महीनों में साइन हो सकती है।
दिल्ली ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ में आयोजित कार्यक्रम में अमेरिकी राजदूत गोर ने कहा कि पिछले दो दशकों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 220 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। उन्होंने इसे दोनों देशों के मजबूत आर्थिक रिश्तों और बढ़ते भरोसे का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अगर यह डील फाइनल होती है, तो इससे व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं, जिसका फायदा भारत और अमेरिका दोनों को मिलेगा।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में भारत ने बातचीत के आखिरी चरण को पूरा करने के लिए अपनी टीम वॉशिंगटन भेजी थी और अगले हफ्ते अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आकर आगे की चर्चा करेगा। गोर ने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ हफ्तों या महीनों में यह डील साइन हो सकती है।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार तेजी से बढ़ रहा है और इसका बड़ा कारण इनोवेशन, निवेश और नई टेक्नोलॉजी है। डिजिटल ट्रेड, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी और स्टार्ट-अप सेक्टर में दोनों देशों का सहयोग मजबूत हो रहा है। गोर ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका क्रिटिकल मिनरल्स, रिसर्च और डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे भविष्य में दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिल सकता है। भारत, यूएस का सबसे बड़ा टॉप ट्रेडिंग पार्टनर्स में से एक है।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने आगे कहा कि आने वाले समय में टेक्नोलॉजी और रिसर्च के क्षेत्र में युवाओं की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका अब अपनी साझेदारी की असली ताकत को समझना शुरू कर रहे हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत है।
गोर ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतें अमेरिका की टेक्नोलॉजी और एक्सपर्टीज़ के साथ अच्छी तरह मेल खाती हैं।
उन्होंने IIT दिल्ली जैसे संस्थानों की तारीफ करते हुए कहा कि रिसर्च पार्टनरशिप को और मजबूत करना जरूरी है। ज्यादा जॉइंट रिसर्च प्रोजेक्ट, फैकल्टी सहयोग और स्टूडेंट्स के बीच काम बढ़ाने से दोनों देशों को भविष्य में बड़ा फायदा मिलेगा।
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Updated on: 29 May 2026 06:04 pm

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