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भारत, May 25, 2026

ट्विशा शर्मा केस: सबूतों पर विवाद और प्रभावशाली लोगों का हाथ, जानें क्या है वो सवाल जिनके चलते उलझी मामले की जांच

Twisha Sharma case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में फोरेंसिक सबूत, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल रिकॉर्ड, एफआईआर में देरी और कथित प्रभाव जैसे मुद्दे जांच को लगातार उलझा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से मामले में महत्वपूर्ण दिशा तय होने की उम्मीद है।

Twisha Sharma Case

Twisha Sharma Case

Twisha Sharma case: भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है। भोपाल लोकल कोर्ट और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के बाद अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने आज इस मामले की सुनवाई की। साथ ही मामले की जांच के लिए सीबीआई को भी भोपाल भेज दिया गया है। लेकिन इस मामले की जांच में हो रही देरी ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए है। इसमें एजेंसियों की कार्यप्रणाली, फोरेंसिक प्रक्रिया और कथित संस्थागत प्रभाव जैसे मुद्दे चर्चा में है। आइए जानते है कि वह क्या मुख्य कारण है जिनकी वजह से यह मामला सुलझ नहीं पा रहा है।

ट्विशा ने जिस नायलॉन बेल्ट से फंदा लगाया उसे लेकर उठे सवाल

ट्विशा के परिवार ने शुरुआत से ही उस नायलॉन एक्सरसाइज बेल्ट पर सवाल उठाए हैं, जिसे कथित तौर पर फांसी के लिए इस्तेमाल किया गया। परिवार का दावा है कि पहला पोस्टमार्टम होने तक यह सामग्री पेश नहीं की गई थी और बाद में सामने लाई गई। इसी कारण सबूतों के साथ छेडछाड की आशंका उठी। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बाद में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली की टीम से दूसरा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि जांच पर जनता का भरोसा बनाए रखना जरूरी है। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले में फोरेंसिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता को सवालों के घेरे में ला दिया।

सीसीटीवी फुटेज और एफआईआर को लेकर भी विवाद

मामले का एक अन्य महत्वपूर्ण विवादित पहलू सीसीटीवी फुटेज भी माना जा रहा है। पीड़िता परिवार का आरोप है कि घटना स्थल लगभग दो दिन तक आरोपित पक्ष के नियंत्रण में रहा। सवाल यह भी उठा कि पुलिस द्वारा डीवीआर जब्त करने के बाद कथित फुटेज सार्वजनिक कैसे हुई। रिपोर्टों के अनुसार घर में आठ सीसीटीवी कैमरे लगे थे। दूसरी तरफ ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने अदालत में कहा कि कैमरों के टाइमस्टैम्प गलत थे और रिकॉर्डिंग जब्त करने की प्रक्रिया नियमों के अनुसार नहीं हुई। एफआईआर दर्ज होने में हुई देरी पर भी सवाल उठे। ट्विशा की मौत 12 मई को हुई थी, लेकिन पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ मामला बाद में दर्ज किया गया।

व्हाट्सएप चैट और प्रभावशाली लोगों को फोन किए जाने का दावा

व्हाट्सएप चैट, ऑडियो क्लिप और कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी एक बड़े विवाद की वजह बने हुए है। ट्विशा के परिवार का कहना है कि उसने अपनी वैवाहिक परेशानियों का जिक्र कई संदेशों में किया था। इसके साथ ही एक कथित ऑडियो क्लिप में गिरिबाला द्वारा ट्विशा के चरित्र पर टिप्पणी किए जाने का दावा भी वायरल हुआ। हालांकि ट्विशा के पति समर्थ ने कोर्ट में इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए इन चैट को एडिटेड और अधूरा बताया है। ट्विशा के परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि मौत के बाद प्रभावशाली लोगों को कॉल किए गए, जिससे जांच प्रभावित हो सकती है। इसी कारण अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है।

मौत से पहले का ट्विशा का व्यवहार खड़ा करता है बड़े सवाल

ट्विशा की मौत से पहले के उसके व्यवहार को भी पुलिस समझने की कोशिश कर रही है। दरअसल अपनी मौत से कुछ दिन बाद यानी 15 मई को ट्विशा ने अपने भाई मेजर हर्षित शर्मा से मिलने के लिए अजमेर जाने का प्लान बनाया था। ऐसे में ट्विशा के घरवालों का यह कहना है कि अगर कोई इंसान आत्महत्या करने की सोच रहा है तो वह भविष्य की योजनाएं क्यों बनाएगा। इसके साथ ही ट्विशा के शरीर पर चोट के निशान होने की बात भी सामने आई है जिसके चलते परिवार को हत्या का शक हो रहा है। इसके अलावा ट्विशा की मौत के बाद उसके पति समर्थ का अचानक गायब हो जाना भी आत्महत्या के दावों पर सवाल खड़ा करता है।

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