
पीएम मोदी और अमित शाह
Tamil Nadu Assembly Elections: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एनडीए ने अपना सबसे बड़ा दांव खेल दिया है। केंद्रीय मंत्री और तमिलनाडु चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने बुधवार को चेन्नई में औपचारिक रूप से घोषणा की कि एआईएडीएमके नेता और विपक्ष के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ही एनडीए के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। यह ऐलान एनडीए गठबंधन को मजबूत करने और डीएमके सरकार के खिलाफ एकजुट मोर्चा बनाने की रणनीति का हिस्सा है। गोयल ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और ईपीएस के नेतृत्व में राज्य में एनडीए सरकार बनेगी।
पीयूष गोयल ने कहा, पीएम मोदी के मार्गदर्शन में और पलानीस्वामी के नेतृत्व में एनडीए तमिलनाडु में सरकार बनाएगी। डीएमके सरकार भ्रष्ट, कमजोर है और जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। युवा, किसान और महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया। अब जनता मजबूत विकल्प चाहती है। उन्होंने डीएमके पर तमिल संस्कृति, महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया। गोयल ने उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म पर बयान का जिक्र कर कहा कि ऐसे बयान संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देते। एनडीए का दावा है कि ईपीएस के नेतृत्व में स्थिर और विकास-उन्मुख सरकार बनेगी।
यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब एनडीए में नई पार्टियां शामिल हो रही हैं। हाल ही में टीटीवी दिनाकरन की AMMK ने एनडीए में वापसी की और ईपीएस को CM फेस मान लिया। पीएमके भी गठबंधन का हिस्सा है। इससे एनडीए की सीट-शेयरिंग और संगठनात्मक ताकत बढ़ी है। पीएम मोदी 23 जनवरी को मदुराई में रैली करेंगे, जिसे चुनावी अभियान की शुरुआत माना जा रहा है। गोयल ने कहा कि डीएमके ने राज्य को भ्रष्टाचार और कमजोर शासन दिया है, अब बदलाव का समय है।
डीएमके 2021 से सत्ता में है और एमके स्टालिन मुख्यमंत्री हैं। एनडीए का यह कदम डीएमके के खिलाफ एकजुट विपक्ष बनाने की कोशिश है। ईपीएस 2017-2021 तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं और AIADMK के मजबूत चेहरे हैं। हालांकि, AIADMK में पहले OPS और TTV के साथ विवाद रहे हैं, लेकिन अब गठबंधन मजबूत दिख रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि CM फेस का ऐलान से एनडीए में नेतृत्व की असमंजस खत्म होगा और चुनावी तैयारी तेज होगी। डीएमके पर भ्रष्टाचार और कमजोर शासन के आरोप लगाकर एनडीए जनता को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।
तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव करीब हैं। एनडीए का यह बड़ा कदम राजनीतिक हलचल बढ़ा रहा है। डीएमके ने अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन राज्य में अब बहस तेज हो गई है कि क्या ईपीएस के नेतृत्व में एनडीए डीएमके का किला ढहा पाएगा? आने वाले दिनों में रैलियां और आरोप-प्रत्यारोप बढ़ेंगे।
Updated on:
22 Jan 2026 10:35 pm
Published on:
22 Jan 2026 06:37 pm
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