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Republic Day 2026: रिपब्लिक डे परेड में राहुल गांधी को पीछे बैठाने पर खड़ा हुआ विवाद, जानें क्या कहता है प्रोटोकॉल

गणतंत्र दिवस परेड में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की सीट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, राहुल गांधी को पीछे की सीट मिलने पर कांग्रेस नेताओं ने सवाल खड़े किए है...

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राहुल गांधी की सीट को लेकर छिड़ा विवाद (Photo-X @rssurjewala)

Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पीछे की सीट पर बैठाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई है और कहा कि राहुल गांधी को आगे की सीट पर क्यों नहीं बैठाया गया। वहीं रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि ये केवल हीन भावना से ग्रस्त सरकार की कुंठा को दर्शाता है।

क्या बोले रणदीप सुरजेवाला?

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने एक तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया कि उन्हें तीसरी पंक्ति में बैठाया गया, जो प्रोटोकॉल और परंपरा के खिलाफ है। उन्होंने कहा, “क्या देश में नेता प्रतिपक्ष के साथ ऐसा व्यवहार किसी भी तरह की शालीनता, परंपरा और प्रोटोकॉल के अनुरूप है? यह सरकार के हीनभावना से ग्रस्त होने को दर्शाता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन राहुल गांधी के साथ किया गया यह व्यवहार “अस्वीकार्य” है।

वहीं राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने लिखा, “यह प्रोटोकॉल और गरिमा की सरासर कमी है। शायद मौजूदा समय में इससे ज्यादा उम्मीद करना ही गलत है।”

आगे क्यों नहीं बैठाया गया? – तारिक अनवर

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आगे की पंक्ति में क्यों नहीं बैठाया गया? उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस पर राहुल गांधी को आगे की पंक्ति में नहीं बैठाया गया। यह दुखद है। नेता विपक्ष का एक प्रोटोकॉल होता है। इसको शैडो प्रधानमंत्री भी कहा जाता है। 

क्या कहता है प्रोटोकॉल?

गणतंत्र दिवस परेड जैसे राज्य स्तरीय समारोहों में सीटिंग व्यवस्था वॉरंट ऑफ प्रिसीडेंस (क्रम वरीयता सूची) के आधार पर तय की जाती है। यह सूची किसी नेता की राजनीतिक पहचान नहीं, बल्कि उसके संवैधानिक या आधिकारिक पद के आधार पर क्रम निर्धारित करती है।

यह वरीयता सूची राष्ट्रपति सचिवालय द्वारा जारी की जाती है और गृह मंत्रालय (MHA) इसके रखरखाव का जिम्मा संभालता है। लोकसभा और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष इस सूची में शामिल होते हैं और उन्हें वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं में स्थान दिया जाता है, हालांकि वे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और कुछ संवैधानिक पदाधिकारियों से नीचे आते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि वीआईपी दीर्घा में सीटिंग हर साल सुरक्षा, व्यवस्थागत जरूरतों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों की संख्या के अनुसार बदल सकती है, इसलिए पंक्ति संख्या में अंतर हो सकता है।