12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बदल गया PM मोदी के ऑफिस का पता! नए PMO में शिफ्ट होंगे प्रधानमंत्री, सुरक्षा और तकनीक जानकर रह जाएंगे दंग

New PMO Building: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी 2026 को दिल्ली में नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) परिसर का उद्घाटन करेंगे। यह परिसर सेवा तीर्थ नाम से जाना जाएगा, जो सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा है। पीएम मोदी दोपहर करीब 1:30 बजे सेवा तीर्थ का नाम अनावरण करेंगे और शाम करीब 6 बजे सेवा तीर्थ […]

2 min read
Google source verification
New PMO Building

New PMO Building

New PMO Building: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी 2026 को दिल्ली में नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) परिसर का उद्घाटन करेंगे। यह परिसर सेवा तीर्थ नाम से जाना जाएगा, जो सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा है। पीएम मोदी दोपहर करीब 1:30 बजे सेवा तीर्थ का नाम अनावरण करेंगे और शाम करीब 6 बजे सेवा तीर्थ के साथ कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। वे शाम को एक सार्वजनिक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे।

सेवा तीर्थ: PMO का नया पता

स्वतंत्रता के बाद से PMO साउथ ब्लॉक में कार्यरत था। अब यह नए परिसर सेवा तीर्थ में शिफ्ट हो जाएगा, जो दारा शिकोह रोड पर स्थित है। यह परिसर प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और कैबिनेट सचिवालय को एक छत के नीचे लाएगा, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर थे। पीएमओ के साउथ ब्लॉक छोड़ने के बाद वहां संरक्षण और रेट्रोफिटिंग का काम शुरू होगा।

कर्तव्य भवन-1 और 2 में मंत्रालयों का स्थानांतरण

कर्तव्य भवन-1 और 2 में कई महत्वपूर्ण केंद्रीय मंत्रालय शिफ्ट होंगे, जिनमें वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कॉर्पोरेट मामले, शिक्षा, संस्कृति, कानून एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक, जनजातीय मामले शामिल हैं। यह एकीकरण प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगा और सहयोग को आसान बनाएगा।

आधुनिक सुविधाएं और पर्यावरण अनुकूल डिजाइन

नए भवन 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुसार बने हैं। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा सिस्टम, जल संरक्षण उपाय, अपशिष्ट प्रबंधन समाधान, उच्च-प्रदर्शन वाली बिल्डिंग एन्वेलप, स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली शामिल हैं। भवनों में डिजिटल एकीकरण, संरचित जन-संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत रिसेप्शन सुविधाएं हैं। ये नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देंगे और कर्मचारियों के कल्याण को बेहतर बनाएंगे।

परिवर्तनकारी मील का पत्थर

पीएमओ के बयान के अनुसार, यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक शासन संरचना में परिवर्तनकारी मील का पत्थर है। यह प्रधानमंत्री मोदी की आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत यह कदम पुरानी व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।