
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
PM Modi Gujarat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के समारोह में भाग लिया। यह पर्व 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी द्वारा मंदिर पर पहले आक्रमण के ठीक 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। साथ ही, 1951 में स्वतंत्र भारत में मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं, जो इस उत्सव को और भी खास बना रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी शाम करीब 8 बजे सोमनाथ पहुंचे, जहां उन्होंने प्राचीन ज्योतिर्लिंग के समक्ष विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे सामूहिक ओंकार मंत्र जाप में शामिल हुए, जिसमें सैकड़ों भक्त और संतों ने 72 घंटे से अधिक समय तक निरंतर 'ओम' का उच्चारण किया। यह जाप मंदिर की अटूट आस्था और लचीलापन का प्रतीक है। पीएम मोदी ने इस दौरान भक्तों के साथ बैठकर मंत्र जाप में हिस्सा लिया, जिससे पूरा परिसर दिव्य ऊर्जा से भर गया।
समारोह का मुख्य आकर्षण भव्य ड्रोन शो रहा, जिसमें सैकड़ों ड्रोनों ने आकाश में भगवान शिव, विशाल शिवलिंग और सोमनाथ मंदिर की शानदार 3डी छवियां बनाईं। विभिन्न विषयों पर आधारित यह शो इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक गौरव को दर्शाता था। प्रधानमंत्री ने इसे बड़ी उत्सुकता से देखा और इसे भारत की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रमाण बताया।
सोमनाथ पहुंचते ही प्रधानमंत्री का स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सड़कों के दोनों किनारों और छतों पर हजारों लोग इकट्ठे हुए, हाथ हिलाकर 'जय सोमनाथ' के नारे लगाए। पीएम मोदी ने भी काफिले से हाथ हिलाकर अभिवादन किया। यह दृश्य सोमनाथ की लोकप्रियता और पीएम के प्रति जनभावना को दर्शाता है।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 8 जनवरी से शुरू होकर 11 जनवरी तक चलेगा। यह उन अनगिनत भारतीयों की याद में है, जिन्होंने बार-बार मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिए। सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में स्वतंत्र भारत में मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ और 1951 में राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसका उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सोमनाथ की गाथा अटूट साहस की है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी तीन दिवसीय गुजरात प्रवास पर हैं। सोमनाथ के बाद वे वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन, अन्य विकास परियोजनाओं और जर्मन चांसलर से मुलाकात में शामिल होंगे। कल (11 जनवरी) वे शौर्य यात्रा में भाग लेंगे, जिसमें 108 घोड़ों की सवारी के साथ मंदिर रक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे।
Updated on:
10 Jan 2026 10:08 pm
Published on:
10 Jan 2026 10:07 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग

