12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पीएम मोदी और मर्ज की मुलाकात आज: सजेगी कूटनीति की बिसात, रक्षा और व्यापार पर रहेगा फोकस

अहमदाबाद में पीएम मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की होगी ऐतिहासिक मुलाकात। रक्षा सौदों और व्यापारिक रिश्तों पर 'कूटनीति की बिसात' बिछने के साथ ही रणनीतिक साझेदारी के 25 साल होंगे और भी मजबूत। जानें पूरा शेड्यूल।

2 min read
Google source verification
Friedrich Merz

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ भारत पहुंचे (फोटो/ANI)

India Germany Relations: भारत और जर्मनी के बीच रणनीतिक रिश्तों को नई मजबूती देने के लिए जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ दो दिवसीय (12 और 13 जनवरी) आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंचे हैं। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनके आगमन के साथ ही इस महत्वपूर्ण यात्रा का आगाज़ हो गया है। पीएम नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए चांसलर मर्ज़ की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है।

साबरमती के तट पर सांस्कृतिक और कूटनीतिक मिलन

आज अहमदाबाद में प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज़ के बीच अहम मुलाकातों का सिलसिला शुरू होगा। कार्यक्रम के अनुसार, आज सुबह 9:30 बजे दोनों नेता महात्मा गांधी की विरासत को नमन करने साबरमती आश्रम जाएंगे। इसके बाद सुबह 10:00 बजे वे साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का आनंद लेंगे। इसके बाद सुबह 11:15 बजे गांधीनगर के महात्मा मंदिर में औपचारिक द्विपक्षीय वार्ताओं का दौर शुरू होगा।

रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष और भविष्य का रोडमैप

यह यात्रा भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ के विशेष अवसर पर हो रही है। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा और कौशल विकास जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ रक्षा, सुरक्षा और हरित ऊर्जा (Green Development) जैसे विषयों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी और चांसलर मर्ज़ न केवल द्विपक्षीय मुद्दों पर बात करेंगे, बल्कि वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों पर भी मंथन करेंगे। इसके अलावा, वे दोनों देशों के औद्योगिक दिग्गजों और व्यापारिक नेताओं के साथ भी संवाद भी करेंगे।

G7 शिखर सम्मेलन में दिया था भारत आने का न्योता

बता दें कि इन दोनों शीर्ष नेताओं की पिछली मुलाकात कनाडा में G7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी, जहां पीएम मोदी ने चांसलर को भारत आने का न्योता दिया था। यह दौरा 27 जनवरी को होने वाले भारत-EU शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो रहा है, जो इसकी अहमियत को और बढ़ा देता है। हाल ही में जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने भी रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग की सराहना करते हुए कहा था कि दोनों देशों के बीच का भरोसा समय के साथ और गहरा हुआ है। यह यात्रा उसी भरोसे को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।


बड़ी खबरें

View All

बिहार चुनाव

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग

मकर संक्रांति