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भारत, Jun 03, 2026

PM Modi की ‘मन की बात’ सुनते ही खुश हुए कश्मीर के किसान, दशहरी आम के बागवानों की चमकी किस्मत!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर के दशहरी आमों की तारीफ की तो इन आमों की चर्चा होने लगी और दशहरी आमों के किसान सुर्खियों में छा गए।

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भारत

Jun 03, 2026

Dasheri mango

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में किया इन दशहरी आम का जिक्र । ( फोटो: X)

Mango Farmers: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम के 134वें एपिसोड ने जम्मू-कश्मीर के आम उत्पादकों में एक नया जोश भर दिया है। उधमपुर जिले के मजालता इलाके में दशहरी आम की खेती करने वाले किसान इस बात से बहुत खुश हैं कि देश के प्रधानमंत्री ने उनका काम सराहा है। किसानों का कहना है कि इस तारीफ से न सिर्फ उनका हौसला बढ़ गया है, बल्कि पूरे इलाके की बागवानी को एक नई पहचान मिली है। मजालता के रहने वाले युद्धवीर ने बताया कि उनके पिता रतनचंद ने साल 2012 में आम का बाग लगाने की शुरुआत की थी। धीरे-धीरे उन्होंने अपना बढ़ाया और 2016-17 में बड़े पैमाने पर दशहरी आम के पौधे लगाए। युद्धवीर के मुताबिक, केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं और पीएम मोदी के शब्दों ने उनका आत्मविश्वास बहुत मजबूत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुजारिश भी की है कि भविष्य में वे अपने कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के किसानों का नाम भी जरूर लें।

कैमिकल इस्तेमाल किए बिना होती है शुद्ध खेती

थलोरा गांव के बुजुर्ग किसान रतन चंद ने बताया कि वे अपने बाग में पूरी तरह प्राकृतिक खेती करते हैं। वे आम पकाने या बचाने के लिए किसी भी तरह के जहरीले कैमिकल या स्प्रे का इस्तेमाल नहीं करते। जब आम पक जाते हैं, तो वे सीधे अपने घर से ही ग्राहकों को बेचते हैं। रतन चंद ने बागवानी विभाग का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि विभाग ने उन्हें सब्सिडी, औजार और हैंडपंप जैसी सुविधाएं देकर बहुत मदद की है।

कश्मीर में दशहरी आम के बाग बहुत अधिक

ध्यान रहे कि जब हम जम्मू-कश्मीर की बात करते हैं, तो जेहन में सबसे पहले सेब, अखरोट या केसर का नाम आता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि जम्मू संभाग के मैदानी और अर्ध-पहाड़ी जिलों में दशहरी आम की बेहतरीन पैदावार होती है। यहाँ का दशहरी आम न सिर्फ स्थानीय स्तर पर पसंद किया जाता है, बल्कि अब इसकी धमक बाहरी राज्यों की मंडियों में भी दिखने लगी है। कठुआ को जम्मू-कश्मीर की 'मैंगो कैपिटल' भी कहा जा सकता है। यहां दशहरी आम के बाग बहुूत अधिक हैं। साम्बा और जम्मू जिलों के मैदानी इलाकों में भी दशहरी का व्यावसायिक उत्पादन होता है। उधमपुर और रियासी के निचले और कम ऊँचाई वाले पहाड़ी इलाकों में भी इसकी खेती का विस्तार हुआ है।

दशहरी आम की खासियत : गुठली बहुत पतली और लंबी

गौरतलब है कि दशहरी आम को आमों का राजा यूं ही नहीं कहा जाता। अपनी अनूठी मिठास और शानदार खुशबू के कारण यह भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में बेहद लोकप्रिय है। मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के मलीहाबाद (लखनऊ) से ताल्लुक रखने वाले इस आम की कई ऐसी खासियतें हैं जो इसे दूसरे आमों से अलग बनाती हैं। दशहरी आम का स्वाद बेहद मीठा, रसदार और गहरा होता है। जब यह पूरी तरह पक जाता है, तो इसकी खुशबू इतनी तेज और सम्मोहक होती है कि पूरे कमरे में महक जाती है। दशहरी आम की गुठली बहुत पतली और लंबी होती है, जिससे इसमें गूदे की मात्रा अन्य आमों के मुकाबले काफी ज्यादा मिलती है। इसका छिलका भी पतला और चमकीला हरा-पीला होता है।






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