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भारत, May 31, 2026

1 जून से पेट्रोल, डीजल और ATF पर निर्यात शुल्क घटाएगी सरकार, जानें नई दरें

Government Reduces Export Duty: सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी घटा दी है। नई दरें 1 जून 2026 से लागू होन वाली हैं।

Petrol Diesel Export Duty Reduced

प्रतीकात्मक तस्वीर

Petrol Diesel Export Duty Reduced: भारत सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी में बदलाव किया है। पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। साथ ही पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का असर भी तेल बाजार पर पड़ रहा है। इसी वजह से सरकार समय-समय पर इन ड्यूटी दरों की समीक्षा कर रही है और बाजार की स्थिति को देखते हुए उनमें बदलाव कर रही है।

सरकार ने 1 जून 2026 से पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी घटाने का फैसला किया है। इसका मतलब है कि अब इन ईंधनों को विदेश भेजने पर पहले के मुकाबले कम शुल्क देना होगा।

पेट्रोल, डीजल और ATF पर कितनी होगी नई ड्यूटी?

सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर अब 1.5 रुपये प्रति लीटर ड्यूटी लगेगी। वहीं डीजल पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर 9.5 रुपये प्रति लीटर शुल्क तय किया गया है। ये नई दरें 1 जून से लागू होंगी और अगले 15 दिनों तक प्रभावी रहेंगी।

हर 15 दिन में क्यों बदलती हैं ड्यूटी की दरें?

सरकार पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी की समीक्षा हर 15 दिन में करती है। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर नजर रखी जाती है। अगर वैश्विक बाजार में कीमतें ज्यादा बढ़ती या घटती हैं, तो सरकार उसी हिसाब से ड्यूटी की दरों में बदलाव कर देती है। इसका मकसद बाजार की स्थिति के अनुसार फैसले लेना और घरेलू जरूरतों के साथ संतुलन बनाए रखना होता है।

मार्च में बढ़ाई गई थी दरें

मार्च 2026 में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के एक्सपोर्ट पर अतिरिक्त ड्यूटी लगा दी थी। इस बार सरकार ने 16 मई को तय की गई दरों के मुकाबले ड्यूटी में अच्छी-खासी कटौती की है। पहले पेट्रोल पर 3 रुपये प्रति लीटर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगती थी, जबकि डीजल और एटीएफ पर 16.5 रुपये और 16 रुपये प्रति लीटर शुल्क देना पड़ता था। अब तीनों पर ड्यूटी कम कर दी गई है, जिससे तेल कंपनियों को कुछ राहत मिल सकती है।

क्या आम लोगों पर इसका कोई असर पड़ेगा?

यह फैसला सिर्फ उन पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू होगा जो विदेशों में भेजे जाते हैं। देश में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले टैक्स में सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में आम लोगों के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल पहले जैसी ही रहने की उम्मीद है और इस फैसले का सीधा असर उनकी जेब पर नहीं पड़ेगा।

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