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भारत, Mar 06, 2025

3 महीने में 25 करोड़ रुपये का भुगतान करें या जेल जाएं: सुप्रीम कोर्ट ने Gold Scam के आरोपी को दिए दो ऑप्शन

Gold Scam: कुछ निवेशकों ने 2018 में हीरा गोल्ड और उसकी मैनेजिंग डायरेक्टर नोहेरा शेख पर कथित धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।

Supreme Court of India

Supreme Court of India

Gold Scam: सुप्रीम कोर्ट ने सोना घोटाले के आरोपी को दो विकल्प दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि या तो 25 करोड़ रुपए का पेमेंट करें या फिर जेल जाएं। दरअसल, हीरा गोल्ड एग्जिम प्राइवेट लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर नोहेरा शेख पर लाखों निवेशकों से 5,600 करोड़ रुपये ठगने का आरोप है। नोहेरा शेख के खिलाफ कई राज्यों में FIR दर्ज की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आज सुनवाई की।

Supreme Court ने ED को दिया ये आदेश

आज हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को आदेश दिया कि अगर वह 90 दिनों के भीतर निवेशकों से एकत्र की गई धनराशि का एक हिस्सा यानी 25 करोड़ रुपये वापस नहीं करती हैं तो उन्हें हिरासत में लिया जाए। जज जे.बी. पारदीवाला की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि शेख 11 नवंबर, 2024 से अदालत के लगातार आदेशों की अवहेलना कर रही हैं, जब आत्मसमर्पण की समय सीमा बढ़ा दी गई थी, बशर्ते उन्हें 25 करोड़ रुपये का भुगतान करना पड़े।

नोहेरा शेख के वकील ने नहीं किया संपत्तियों का खुलासा

न्यायमूर्ति पारदीवाला ने कहा, "हम आरोपी को अंतिम अवसर देते हुए प्रस्ताव देते हैं कि वह तीन महीने के भीतर 25 करोड़ रुपये जमा कराए, ऐसा न करने पर उसकी जमानत स्वतः रद्द हो जाएगी और उसे ED की ओर से वापस जेल भेज दिया जाएगा।" नोहेरा शेख की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उनके पास पैसा नहीं है। हालांकि, ED ने बताया कि नोहेरा शेख के स्वामित्व वाली कई संपत्तियों को कुर्क किया गया है, लेकिन जब उनके वकील से उन संपत्तियों की सूची मांगी गई जिन्हें नीलाम किया जा सकता है, तो उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया। नोहेरा शेख ने केवल तीन संपत्तियों की डिटेल शेयर की है, जिनमें से तेलंगाना में दो संपत्तियों की ED की ओर से नीलामी की जा सकती है।

SFIO कर रही मामले की जांच

गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) ने हीरा गोल्ड और उसकी मैनेजिंग डायरेक्टर से जुड़े मामले की जांच शुरू कर दी है। SFIO अभी भी मामले की जांच कर रहा है। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली में कई मामले लंबित हैं। आभूषण और सोने की वस्तुओं का कारोबार करने वाली इस कंपनी ने निवेश की गई राशि पर 36 प्रतिशत लाभांश देने का वादा करते हुए योजनाएं शुरू कीं।

कंपनी शुरुआत में ने लाभांश का भुगतान किया, लेकिन 2018 में कुछ निवेशकों ने कंपनी और नोहेरा शेख पर कथित धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। नोहेरा शेख को अक्टूबर 2018 को गिरफ़्तार कर लिया गया।

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