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National Vaccination Day: टीके बने जीवन की ढाल, चेचक से कोरोना तक करोड़ों जिंदगियां बचीं

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस टीकों की अहमियत को याद दिलाता है। भारत ने चेचक, पोलियो और कोरोना जैसी महामारियों से लड़ाई में टीकाकरण से बड़ी जीत हासिल की। यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम के तहत मुफ्त टीके दिए जाते हैं और भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक व निर्यातक देश है।

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भारत

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Anurag Animesh

Mar 15, 2026

National Vaccination Day

National Vaccination Day(AI Image-ChatGpt)

National Vaccination Day: आज हम और हमारे बच्चे एक ऐसी ढाल से सुरक्षित हैं, जिसे टीका या वैक्सीन कहते हैं। यही ढाल यानी टीकाकरण पिछले कई दशकों में चेचक, पोलियो, टिटनेस और कोरोना जैसी महामारी का सुरक्षा कवच बना और लाखों लोगों की जिंदगियां बचाईं। यूनिसेफ के मुताबिक टीके हर साल दुनिया में 44 लाख मौतें रोकते हैं। भारत के यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम (यूआइपी) में 12 से ज्यादा टीके मुफ्त लगते हैं। 16 मार्च को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि 1995 में इसी दिन भारत में पल्स पोलियो अभियान की पहली खुराक दी गई थी। इस सफल कार्यक्रम के बाद 2014 में देश को पोलियो मुक्त घोषित किया गया। भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन निर्यातक देश है। विश्व स्वास्थ्य संगठन को लगभग 60 फीसदी टीके भारत ही देता है। यानी भारत अपना ही नहीं पूरी दुनिया की सेहत को संभालता है।

महामारियों का अंत: मौत के साये से बाहर निकलता भारत


इतिहास गवाह है कि भारत ने कई ऐसी महामारियों का सामना किया है जिन्होंने पूरी की पूरी पीढिय़ों को तबाह कर दिया था। लेकिन टीकाकरण ने इन संकटों का रुख मोड़ दिया।

चेचक : 1970
1970 के दशक तक देश में चेचक का आतंक था। लगभग 31,000 लोगों की जान गई थी। भारत ने सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाया और 1977 में खुद को चेचक मुक्त घोषित किया। यह पहली बड़ी वैश्विक जीत थी।

पोलियो: 1990
1990 के दशक तक भारत में हर साल 2 लाख बच्चे पोलियो के कारण अपंग हो जाते थे। 'दो बूंद जिंदगी की' अभियान से करोड़ों बच्चों को ट्रैक किया गया। 27 मार्च 2014 को डब्लूएचओ ने भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया।

खसरा : पांच दशक में खसरे की वैक्सीन ने 9.4 करोड़ जिंदगियां बचाईं। भारत में भी खसरा-रूबेला वैक्सीन (एमआर) पूरे देश में लगाई जा रही है।

कोरोना: 2020
इस महामारी ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को हिला दिया था। भारत में पांच लाख से ज्यादा मौतें हुईं। भारत ने 'स्वदेशी' टीका बनाया। 220 करोड़ से अधिक खुराकें भारत में दी गई। लैंसेट ने बताया, भारत ने टीकों से 42 लाख मौतें रोकीं। 'वैक्सीन मैत्री' के तहत भारत ने 100 से ज्यादा देशों को खुराक भेजी।

दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन फैक्ट्री


भारत दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन उत्पादक देश है। हर साल 40-50 अरब डोज बनाई जाती हैं। पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ही 15 अरब से ज्यादा डोज बनाती है। यूनिसेफ के मुताबिक दुनिया के 65त्न बच्चों को सीरम इंस्टीट्यूट का कम से कम एक वैक्सीन लगता है। भारत विश्व की 55-60 प्रतिशत वैक्सीन जरूरतें पूरी करता है और 170 से ज्यादा देशों को वैक्सीन निर्यात करता है। अब तक पोलियो, डिप्थीरिया-टेटनस, खसरा-रूबेला, हेपेटाइटिस-बी, न्यूमोकोकल,एचपीवी और कोविड सहित कई तरह की बीमारियों के टीके बना चुका है।