
Indian Prime Minister Narendra Modi and US President Donald Trump (Photo - ANI)
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर फिर से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक करियर पर हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की थी। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर ऐसा कोई वीडियो है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी। यह मामला ऐसे समय में उभरा है जब भारत-अमेरिका संबंधों में हालिया ट्रेड डील के बाद सुधार आया है।
वीडियो अक्टूबर 2025 की व्हाइट हाउस प्रेस कॉन्फ्रेंस का है। ट्रंप ने मोदी को 'ग्रेट मैन' बताते हुए कहा, 'मोदी एक महान व्यक्ति हैं। वे ट्रंप से प्यार करते हैं। मैं नहीं चाहता कि आप 'प्यार' शब्द को अलग तरीके से लें। मैं उनका राजनीतिक करियर बर्बाद नहीं करना चाहता।' यह टिप्पणी हल्के मूड में की गई थी, जब ट्रंप अमेरिका के भारत में राजदूत-नामित सर्जियो गोर की बात दोहरा रहे थे। गोर ने नई दिल्ली से लौटकर ट्रंप से कहा था कि मोदी ट्रंप से 'प्यार' करते हैं।
उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने दावा किया कि मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया कि भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा। ट्रंप ने कहा, 'वे (मोदी) मेरे दोस्त हैं। हमारे बीच शानदार रिश्ता है… मैं खुश नहीं था कि भारत रूस से तेल खरीद रहा था। उन्होंने आज मुझे आश्वासन दिया कि वे रूस से तेल नहीं खरीदेंगे। यह बयान 2025 में भारत-अमेरिका तनाव के दौरान आया था, जब अमेरिका ने भारत के रूसी तेल आयात पर पुनिटिव टैरिफ लगाए थे।
12 फरवरी 2026 को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में MEA के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने वीडियो पर सवाल का जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'मैंने इसे नहीं देखा है, लेकिन अगर ऐसा कोई वीडियो है, तो हम उचित कार्रवाई करेंगे।' MEA की यह चेतावनी वीडियो के सोशल मीडिया पर फैलने और गलत व्याख्या होने की आशंका को देखते हुए आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिप्लोमैटिक क्लैरिफिकेशन का प्रयास है, ताकि द्विपक्षीय संबंधों पर कोई असर न पड़े।
वीडियो का दोबारा वायरल होना हालिया भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद हुआ है, जो ऊर्जा खरीद और अन्य मुद्दों पर तनाव कम करने की दिशा में कदम है। 2025 में रूसी तेल आयात पर अमेरिकी दबाव से संबंध खराब हुए थे, लेकिन अब सुधार की राह पर हैं। ट्रंप का बयान हल्का था, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे राजनीतिक साजिश के रूप में पेश किया जा रहा है।
MEA की प्रतिक्रिया भारत की सख्त विदेश नीति को दर्शाती है, जहां नेतृत्व की छवि पर किसी भी गलत प्रभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाता। यह घटना दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है, लेकिन डिप्लोमैसी से इसे संभाला जा सकता है।
Published on:
12 Feb 2026 10:56 pm
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