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चलती गाड़ी में एक्ट्रेस को जबरन बैठाने और उसके साथ छेड़छाड़ करने का मामला, कोर्ट से बरी हुए फेमस मलयाली एक्टर

मलयाली अभिनेता दिलीप को किडनैपिंग और सेक्शुअल असॉल्ट केस में बरी कर दिया गया है। एर्नाकुलम कोर्ट ने कहा कि प्रॉसिक्यूशन आरोप साबित नहीं कर पाया।

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भारत

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Mukul Kumar

Dec 08, 2025

फेमस मलयाली अभिनेता दिलीप (पी गोपालकृष्णन)। (फोटो- ANI)

फेमस मलयाली अभिनेता दिलीप (पी गोपालकृष्णन) को बड़ी राहत मिली है। एर्नाकुलम डिस्ट्रिक्ट और प्रिंसिपल सेशंस कोर्ट ने सोमवार को एक्टर दिलीप को एक्ट्रेस के किडनैपिंग और सेक्शुअल असॉल्ट केस में बरी कर दिया है।

अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि प्रॉसिक्यूशन अभिनेता के खिलाफ साजिश का आरोप साबित करने में विफल रहा। बता दें कि यह केस आठ साल पुराना है। लेकिन फैसला अब आया है। इस घटना ने मलयालम फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था।

क्या है मामला?

मामला 17 फरवरी, 2017 का है। तब एक प्रमुख मलयाली अभिनेत्री को उनके ही कार में अगवा कर यौन शोषण का शिकार बनाया गया। दिलीप पर आरोप था कि उन्होंने इस अपराध की साजिश रची थी। इस मामले में दिलीप को 10 जुलाई, 2017 को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।

एक्ट्रेस के मुताबिक, 17 फरवरी की रात थ्रिसूर से एर्नाकुलम (कोच्चि) जाते समय अभिनेत्री की कार को रोका गया। छह पुरुषों ने कार में घुसकर उन्हें करीब 2 घंटे तक बंधक बनाया और यौन शोषण किया। इसके साथ, उन्होंने पूरे कृत्य का वीडियो रिकॉर्ड भी किया। वीडियो का मकसद ब्लैकमेल करना था। अपराधी बाद में भाग गए।

दिलीप पर क्या था आरोप?

दिलीप को इस मामले में आठवां आरोपी बनाया गया। अभियोजन पक्ष का दावा था कि दिलीप ने अपराध की साजिश रची, फाइनेंस किया और इसे पहली आरोपी एनएस सुनील (पल्सर सुनी) को सौंपा। सुनी एक कुख्यात अपराधी है, जो पहले भी अपहरण और ब्लैकमेल के मामलों में फंसा था।

जहां एक तरफ कोर्ट ने दिलीपको बरी किया है। वहीं, दूसरी ओर छह आरोपियों ​​पल्सर सुनी, मार्टिन एंटनी, मणिकंदन बी, विनेश वीपी, सलीम एच और प्रदीप को इस मामले में दोषी पाया है। सजा 12 दिसंबर को सुनाई जाएगी।

क्या बोले दिलीप?

उधर, दिलीप ने कोर्ट का फैसला आने के बाद अपनी प्रतिक्रया भी दी है। दिलीप ने कहा- मेरे खिलाफ झूठी कहानी गढ़कर बड़ी साजिश रची गई थी। मुझे फंसाने के लिए एक सीनियर अधिकारी और कुछ क्रिमिनल पुलिस ऑफिसर जांच को एक खास दिशा में ले जाने लगे।

उन्होंने कहा- पुलिस ने जेल के अंदर सह-आरोपी के साथ मिलकर एक झूठी कहानी बनाई और "कुछ न्यूज चैनलों व पत्रकारों की मदद से इसे मेनस्ट्रीम और सोशल मीडिया के जरिए बढ़ाया।

दिलीप ने कहा- लेकिन आज, वह झूठी कहानी कोर्ट के सामने टूट गई है। असली साजिश मुझे फंसाने की थी मेरा करियर, मेरी रेप्युटेशन और मेरी जिंदगी बर्बाद करने की थी।