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भारत, May 26, 2026

500 आतंकी पाकिस्तान से घुसपैठ के लिए तैयार, भारत को लेकर सामने आया लश्कर का खतरनाक प्लान

Lashkar e Taiba new Kashmir plan: लश्कर-ए-तैयबा की नई खतरनाक योजना सामने आई है। PoK में 1000 से ज्यादा आतंकियों के लिए नए लॉन्चपैड तैयार किए जा रहे हैं।

Indian Army News

भारतीय सेना के जवान अलर्ट। (फोटो- IANS)

पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' कश्मीर में फिर से एक्टिव होने की तैयारी में जुट गया है। भारतीय खुफिया एजेंसियां इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि लश्कर के बड़े-बड़े नेता पाकिस्तान में राजनीतिक हलकों के लोगों से लगातार मुलाकातें कर रहे हैं।

इन मीटिंग्स के पीछे दो मकसद साफ नजर आ रहे हैं। एक तरफ ज्यादा से ज्यादा आतंकी लॉन्चपैड तैयार करना और दूसरी तरफ प्रचार युद्ध तेज करना।

लॉन्चपैड बढ़ाने और घुसपैठ की नई योजना

लश्कर अब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में अपने लॉन्चपैड की संख्या बढ़ा रहा है। एक खुफिया अधिकारी के मुताबिक, पहले जहां कुछ ही जगहों से आतंकी भेजे जाते थे, अब वहां कई नए ठिकाने तैयार किए जा रहे हैं। मकसद है भारतीय सुरक्षा बलों पर दबाव डालना।

लश्कर के पास फिलहाल 500 से ज्यादा आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं। लेकिन ज्यादातर कोशिशें नाकाम हो रही हैं। इस हार से लश्कर के आला कमांडर बौखलाए हुए हैं। अब उनकी योजना है कि लॉन्चपैड पर आतंकियों की संख्या एक हजार के पार ले जाई जाए।

साथ ही रोजाना होने वाली घुसपैठ की कोशिशों को पांच से बढ़ाकर 20 कर दिया जाए। उम्मीद है कि इतनी कोशिशों में कम से कम एक तो कामयाब हो ही जाएगी।

नया चेहरा आगे लाने की तैयारी

हाल ही में लश्कर के संस्थापक हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी राना सनाउल्लाह से मुलाकात की। इस बैठक में लश्कर के अंदरूनी नेतृत्व के मुद्दों पर बात हुई और नई योजना के बारे में बताया गया।

पाकिस्तान अब तल्हा सईद को औपचारिक रूप से संगठन का सरगना बनाने के लिए कह रहा है। लश्कर के कार्यकर्ता भी युवा नेता की मांग कर रहे हैं, जबकि हाफिज सईद को सिर्फ विचारक की भूमिका में रखने की बात हो रही है।

एक और अहम मुलाकात पीओके के पूर्व प्रधानमंत्री और ऑल जम्मू एंड कश्मीर मुस्लिम कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सरदार अत्तीके अहमद खान के साथ हुई। इसमें लॉन्चपैड बढ़ाने, आतंकियों की तैनाती और कश्मीर मुद्दे को फिर से गरमाने की रणनीति पर चर्चा हुई।

पहलगाम हमले के बाद झटका, फिर भी नहीं मानी हार

पहलगाम में हुए हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी, जिसकी जिम्मेदारी लश्कर की छत्रछाया वाले रेसिस्टेंस फ्रंट ने ली थी। इसके बाद भारतीय सेना की ऑपरेशन सिंदूर में लश्कर का मुरिदके ट्रेनिंग सेंटर तबाह हो गया।

इस झटके के बावजूद लश्कर कश्मीर घाटी में पाकिस्तानी आतंकियों के जरिए बड़े हमले करवाने और स्थानीय संगठनों को मजबूत करने की कोशिश में लगा है।

पीओके में चुनाव के समय ध्यान भटकाने की चाल

पीओके में विकास की कमी को लेकर पिछले कुछ महीनों से लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लश्कर के नेता सोच रहे हैं कि कश्मीर मुद्दे को जोर-शोर से उठाकर लोगों का ध्यान विकास से हटाया जा सकता है। आगामी पीओके चुनावों में भी इसी रणनीति से फायदा उठाने की तैयारी है।

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