
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- Freepik)
असम में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको लेकर सियासी हलचल तेज है। इस बीच, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने सोमवार को कांग्रेस के अंदरूनी हालात पर तीखी टिप्पणी की।
उन्होंने दावा किया कि आने वाले राज्य विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के बड़े नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। कई कांग्रेस नेता उनके संपर्क में हैं।
असम के पूर्व कांग्रेस प्रमुख भूपेन बोरा के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के अंदर हाल के राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि वह पार्टी लाइन से अलग हटकर तमाम नेताओं के साथ बातचीत करते रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया- मैं हर कांग्रेस नेता के संपर्क में हूं। अगर यह साफ हो जाता है कि BJP के अंदर जगह है, तो सभी हिंदू कांग्रेस नेता पार्टी छोड़कर हमारे साथ आ जाएंगे।
मुख्यमंत्री सरमा ने आरोप लगाया कि जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहे हैं, कांग्रेस गहरी अंदरूनी असुरक्षा और कन्फ्यूजन का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी असम में एक साफ विचारधारा या लीडरशिप स्ट्रक्चर पेश करने में नाकाम रही है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि BJP की ऑर्गनाइजेशनल ताकत और गवर्नेंस रिकॉर्ड ने दूसरी पार्टियों के नेताओं को अपनी ओर खींचा है।
मुख्यमंत्री ने कहा- लोग BJP में इसलिए शामिल हो रहे हैं क्योंकि उन्हें स्टेबिलिटी, डेवलपमेंट और भविष्य के लिए एक साफ रोडमैप दिख रहा है। उन्होंने कहा कि रूलिंग BJP अलग-अलग कम्युनिटी में अपना बेस बढ़ा रही है।
असम में विपक्ष पर निशाना साधते हुए CM सरमा ने दावा किया कि कांग्रेस को अपनी लीडरशिप और चुनावी संभावनाओं पर भरोसा नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अंदर बार-बार इस्तीफे, पब्लिक में असहमति और अनिश्चितता असम के पॉलिटिकल माहौल पर उसकी कमजोर पकड़ को दिखाती है।
मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी कहा कि BJP की लीडरशिप वाली राज्य सरकार विपक्ष पॉलिटिक्स के बजाय डेवलपमेंट और वेलफेयर की कोशिशों पर फोकस कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्रायोरिटी असम के लोगों से किए गए वादों को पूरा करना है, जिसमें रोजगार पैदा करना, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और सोशल वेलफेयर स्कीम शामिल हैं।
उधर, पॉलिटिकल जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री सरमा के बयान का मकसद BJP की स्थिति को मजबूत करना और विपक्ष पर दबाव बनाना है, क्योंकि असम एक बड़े चुनावी मुकाबले के करीब पहुंच रहा है।
Updated on:
16 Feb 2026 08:19 pm
Published on:
16 Feb 2026 08:18 pm
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