
केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: टर्मिनल-2 पर ‘गेट जेड’ लाउंज। (Photo -@BLRAirport)
कर्नाटक की राजधानी का केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अपने नवाचारों के लिए पहले ही एक पहचान बना चुका है। ‘सेंसरी रूम’ जैसी संवेदनशील पहल के बाद, अब एयरपोर्ट ने टर्मिनल-2 पर एक और अनोखा प्रयोग किया है, ‘गेट जेड’ लाउंज। यह दुनिया का पहला ऐसा एयरपोर्ट लाउंज है, जिसे खासतौर पर जेन-जेड यानी आज की युवा पीढ़ी की सोच, आदतों और पसंद को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।गेट जेड में सबके लिए कुछ ना कुछ खास है, जैसे बबल एंड ब्रू कैफे, एम्फीजोन आधुनिक एम्फीथिएटर, सबवे डाइनर आदि।
गेट जेड का माहौल किसी पुराने, नीरस लाउंज जैसा नहीं बल्कि पूरी तरह युवा, जीवंत और आधुनिक है। सियान और बर्न ऑरेंज रंगों का संतुलित मेल, स्ट्रीट-लैंप स्टाइल लाइटिंग और खुले स्पेस इसे एक अलग पहचान देते हैं। कर्व्ड सोफे, सॉफ्ट एम्बिएंट लाइट और छोटे-छोटे इंटरैक्टिव पॉकेट्स ऐसे बनाए गए हैं कि यात्री चाहें तो काम कर सकें, चाहें तो दोस्तों से बातें करें या बस कुछ पल शांति से बिताएं।
इस लाउंज का नाम और कॉन्सेप्ट किसी बंद कमरे में तय नहीं हुआ। इसके लिए देशव्यापी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें भारत भर के छात्रों और युवा डिजाइनरों ने हिस्सा लिया। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, ‘गेट जेड’ सिर्फ उम्र का संकेत नहीं है, बल्कि एक माइंडसेट को दर्शाता है जो तकनीक-प्रेमी, खुले विचारों वाला और अनुभव-केंद्रित है।
केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट इससे पहले भी अपनी ‘सेंसरी रूम’ सुविधा के लिए सराहना पा चुका है। यह क्षेत्र खासतौर पर ऑटिज़्म, एंग्जायटी या अत्यधिक तनाव से जूझ रहे यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। भीड़ और शोर से दूर इस शांत स्थान में ध्वनि-रोधी दीवारें, धीमी रोशनी, बबल ट्यूब्स और आरामदायक सीटिंग जैसी सुविधाएं हैं, जो यात्रियों को सुकून देने में मदद करती हैं।
Updated on:
24 Jan 2026 04:23 am
Published on:
24 Jan 2026 04:22 am
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