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भारत, May 27, 2026

Karnataka Politics: सिद्धरामय्या की कुर्सी हिली! आलाकमान ने दिया राज्यसभा का ऑफर, डीके शिवकुमार बन सकते हैं नए मुख्यमंत्री

Karnataka Congress Crisis: कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक पार्टी आलाकमान ने मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या को राज्यसभा के जरिए केंद्र की राजनीति में आने का प्रस्ताव दिया है, जबकि डीके शिवकुमार को अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा है। हालांकि कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर इन खबरों से इनकार किया है।

Karnataka Congress Crisis

Karnataka Congress Crisis (AI Image)

Karnataka Politics: पिछले छह माह से कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में नेतृत्व को लेकर चल रही उहापोह निर्णायक मोड़ पर आती दिख रही है। जानकार सूत्रों के अनुसार दिल्ली में मंगलवार को सियासी बैठकों के दौर के बीच मुख्यमंत्री एन.सिद्धरामय्या की कुर्सी हिलती नजर आ रही है। कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़कर राज्यसभा सांसद के नाते केंद्र की राजनीतिक में आने का ऑफर दिया है। उनकी जगह प्रदेशाध्यक्ष व डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार सीएम के रूप में आलाकमान की पहली पसंद बताए जा रहे हैं।

हालांकि पार्टी के संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने ऐसे घटनाक्रम से इनकार किया है लेकिन सूत्रों ने बताया कि आलाकमान सीएम पद पर बदलाव का निर्णय सिद्धरामैय्या को बता चुका है। उन्हें जल्द निर्णय करने को कहा गया है। सांसदी के ऑफर और सहयोगपूर्ण सत्ता हस्तांतरण पर सिद्धरामय्या की प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है। छह घंटे चले बैठकों के दौर के बाद आलाकमान का निर्णय सुनकर सिद्धरामय्या ने दिल्ली में ही कर्नाटक भवन में अपने करीबी मंत्रियोंं से चर्चा की और रात को बेंगलूरु लौट गए।

बुधवार को बेंगलूरु में उनके दो सार्वजनिक कार्यक्रम हैं और वह प्रेस वार्ता भी कर सकते हैं। उनके करीबी सूत्रों के अनुसार 28 मई को अपने फैसले का ऐलान कर सकते हैं।

नेताओं में मंथन, प्रियंका भी सक्रिय

आलाकमान ने सिद्धरामय्या व शिवकुमार को दिल्ली बुलाया था। कांग्रेस मुख्यालय में अलग-अलग बैठकों के दौर में पहले पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, वेणुगोपाल और प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने सिद्धरामय्या और शिवकुमार की एक साथ बैठक हुई। इसके बाद राहुल गांधी और खरगे ने दोनों नेताओं से अलग-अलग वन-टू-वन मुलाकात की। फिर राहुल गांधी ने सिद्धरामय्या और शिवकुमार के साथ अलग-अलग बातचीत की।

बाद में सभी नेताओं ने फिर से खरगे के कक्ष में सामूहिक चर्चा की। इन चर्चाओं की पृष्ठभूमि में महासचिव प्रियंका गांधी भी सक्रिय रहीं। पूरे घटनाक्रम में सिद्धरामय्या व शिवकुमार भी अकेले में अलग चर्चा करते दिखे जिसमें उनमें परस्पर कोई तल्खी नजर नहीं आई। मीडिया ने जब शिवकुमार से पूछा कि क्या वे मुख्यमंत्री बन रहे हैं, तो वे मुस्कराकर बिना कुछ कहे चले गए।

ऑफर कैसे और क्यों?

सूत्रों के मुताबिक सिद्धरामय्या की उम्र 79 साल होने के कारण अब पार्टी युवा नेतृत्व की ओर बढऩा चाहती है जो 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव में अगुवाई करे। उनके उत्तराधिकारी के रूप में शिवकुमार प्रबल दावेदार हैं जो सोनिया गांधी व प्रियंका गांधी की भी पसंद बताए जाते हैं। ऐसे में सिद्दारमैया को भी केंद्र में सम्मानजनक तरीके से लाने के तहत उन्हें राज्यसभा व पार्टी में बड़ी भूमिका का ऑफर दिया गया है। सिद्धरामय्या लगातार पार्टी आलाकमान के फैसले को मानने की बात कह चुके हैं।

केरल के बाद बढ़ा आलाकमान का आत्मविश्वास

केरल में कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद जिस तरह से संगठन महासचिव वेणुगोपाल की बजाय जनता और कार्यकर्ता की पसंद के वी.सतीशन को सीएम बनाया गया है, उससे आलाकमान का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। अब कर्नाटक के ताजा घटनाक्रम से एक बार फिर आलाकमान अपने आलाकमान होने का एहसास दिलाने की कोशिश में है। सिद्धरामय्या को तैयार करने के लिए उन्हें पिछले विधानसभा चुनाव के समय आलाकमान से आखिरी बार चुनाव लड़ने और जीतने के बाद आखिरी बार सीएम बनाने के आग्रह की बात भी याद दिलाई जा रही है।

वेणुगोपाल ने चर्चा को नकारा

महामंत्री वेणुगोपाल ने मीडिया से कहा कि आप जो भी अनुमान लगा रहे हैं, उस पर कोई चर्चा नहीं हुई। आज हमने बस विधान पार्षद चुनाव और राज्यसभा चुनाव उम्मीदवारों पर चर्चा की। उम्मीदवारों की जल्द घोषणा होगी।

केरल के बाद आलाकमान का बड़ा आत्मविश्वास

केरल में कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद जिस तरह से संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल की बजाय जनता और कार्यकर्ता की पसंद के वी सतीशन को मुख्यमंत्री बनाया है, उससे आलाकमान का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। अब कर्नाटक के ताजा घटनाक्रम से एक बार फिर आलाकमान अपने आलाकमान होने का एहसास दिलाने की कोशिश में है। सिद्धारमैया को चुनाव के समय उन्हें आखिरी बार चुनाव लड़ने और जीतने के बाद आखिरी मुख्यमंत्री बनाने के आग्रह की बात भी याद दिलाई जा रही है।

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