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नहीं होगा सत्ता परिवर्तन, मेरे पिता पांच साल तक रहेंगे मुख्यमंत्री- कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया के बेटे का एलान

कर्नाटक में कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर विराम लगाते हुए यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने किसी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पूरे पांच साल तक पद पर बने रहेंगे।

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भारत

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Himadri Joshi

Feb 06, 2026

Yatindra Siddaramaiah

यतींद्र सिद्धारमैया (फोटो- आईएएनएस)

कर्नाटक की राजनीति में लंबे समय से कांग्रेस के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज थीं। उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस के कुछ नेताओं के बयानों से सत्ता संतुलन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। इसी बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे और कांग्रेस एमएलसी यतींद्र सिद्धारमैया ने साफ कहा है कि पार्टी हाईकमान ने नेतृत्व परिवर्तन की किसी भी मांग को स्वीकार नहीं किया है और उनके पिता पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

नेतृत्व परिवर्तन से साफ इनकार

यतींद्र सिद्धारमैया ने मैसूरु में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से किसी भी तरह के नेतृत्व बदलाव का कोई संकेत नहीं दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तक किसी भी वरिष्ठ नेता ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को हटाने की बात नहीं की है। उनके अनुसार पार्टी के भीतर कोई भ्रम नहीं है और मुख्यमंत्री अपना पूरा कार्यकाल पूरा करेंगे। इस बयान को कांग्रेस के भीतर उठ रही असंतोष की आवाजों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

हाईकमान का संदेश स्पष्ट - यतींद्र

यतींद्र ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान ने कर्नाटक में नेतृत्व को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है कि फिलहाल किसी बदलाव की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आंतरिक मुद्दों को मीडिया के माध्यम से उठाना पार्टी हित में नहीं है। पार्टी नेतृत्व समय और आवश्यकता के अनुसार हस्तक्षेप करता है और उचित निर्णय लेता है। उनका कहना था कि जब तक हाईकमान की ओर से कोई फैसला नहीं आता, तब तक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ही सरकार का नेतृत्व करेंगे।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं

इस बीच ग्रामीण विकास और पंचायती राज, आईटी और बीटी मंत्री प्रियंक खड़गे ने भी नेतृत्व विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया में बयानबाजी से स्थिति और उलझती है। वहीं कुछ नेताओं और समर्थकों द्वारा नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर नारेबाजी किए जाने से राजनीतिक हलचल जरूर बढ़ी, लेकिन आधिकारिक स्तर पर नेतृत्व परिवर्तन की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।

राजनीतिक स्थिरता का संदेश

कर्नाटक कांग्रेस में पिछले दिनों फिर से उभरे सत्ता संघर्ष के बीच यतींद्र सिद्धारमैया का यह बयान पार्टी और सरकार दोनों के लिए स्थिरता का संदेश माना जा रहा है। इससे यह साफ होता है कि फिलहाल मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की स्थिति मजबूत है और सरकार अपना कार्यकाल बिना किसी बड़े राजनीतिक उलटफेर के पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच भी भ्रम की स्थिति कम होने की उम्मीद है।