भारत, Jun 01, 2026

जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (फाइल फोटो/ANI)
Jammu Kashmir CM Letter to Aviation Minister: हज से लौट रहे जम्मू-कश्मीर के यात्रियों के सामान को लेकर एक नई परेशानी खड़ी हो गई है। श्रीनगर एयरपोर्ट पर कुछ पाबंदियों की वजह से हाजियों का चेक-इन सामान समय पर नहीं पहुंच पा रहा है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू को चिट्ठी लिखी है और उनसे इस समस्या को तुरंत दूर करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की है कि हज यात्रियों का सामान सुरक्षित और समय पर उन तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि हज से लौट रहे लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए और इस समस्या का तुरंत हल निकाला जाना चाहिए।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के अनुसार, श्रीनगर एयरपोर्ट पर जारी NOTAM (नोटिस टू एयरमैन) और रनवे मेंटेनेंस कार्य के चलते विमान संचालन पर कुछ तकनीकी सीमाएं लागू की गई हैं। रनवे की लंबाई में अस्थायी प्रतिबंधों के कारण विमानों की पेलोड क्षमता कम कर दी गई है जिससे यात्रियों के सामान के परिवहन पर असर पड़ा है।
मंत्रालय ने कहा कि ये प्रतिबंध पूरी तरह उड़ान सुरक्षा को ध्यान में रखकर लगाए गए हैं और यात्रियों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है।
हज यात्रियों की वापसी यात्रा को प्रभावित होने से बचाने के लिए अकासा एयरलाइंस की उड़ानों को अहमदाबाद के रास्ते श्रीनगर भेजने की व्यवस्था की गई है। नई व्यवस्था के तहत यात्री अहमदाबाद तक 35 किलोग्राम चेक-इन बैगेज ले जा सकेंगे।
हालांकि अहमदाबाद से श्रीनगर की उड़ान में प्रत्येक यात्री के लिए केवल 5 किलोग्राम चेक-इन सामान ले जाने की अनुमति होगी। बाकी 30 किलोग्राम सामान को अलग से सड़क मार्ग के जरिए श्रीनगर पहुंचाया जाएगा। केबिन बैगेज के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, हज कमेटी ऑफ इंडिया और जम्मू-कश्मीर स्टेट हज कमेटी इस पूरी प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मंत्रालय का कहना है कि सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर हज यात्रियों की सुरक्षित, सम्मानजनक और सुचारु वापसी सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही हैं।
मुख्यमंत्री की ओर से लिखे गए पत्र के बाद अब नजर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया और इस समस्या के समाधान पर टिकी हुई है। हज यात्रियों और उनके परिजन उम्मीद कर रहे हैं कि उनके सामान की सुरक्षित और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी।
Published on: 01 Jun 2026 04:57 pm


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