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आसमान में भारत रचेगा नया इतिहास, लॉन्च होगी देश की ‘एक और आंख’

ISRO satellite launch news: ईओएस-एन1 एक हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग उपग्रह है जिसे मुख्य रूप से डीआरडीओ के लिए विकसित किया गया है।

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भारत

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Ashib Khan

Jan 11, 2026

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2026 का इसरो का पहला प्रक्षेपण (Photo-IANS)

ISRO PSLV-C62 launch: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार को अपने साल के पहले रॉकेट प्रक्षेपण के लिए उलटी गिनती शुरू कर दी है। यह रॉकेट पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (Earth Observation Satellite) के साथ कुल 13 अन्य उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करेगा।

काउंटडाउन हुआ शुरू

यह 22.5 घंटे की काउंटडाउन दोपहर 12:48 बजे शुरू हुई। इसके साथ ही पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV-C62) का प्रक्षेपण 12 जनवरी को सुबह 10:18 बजे निर्धारित किया गया है। पहले यह लॉन्च 10:17 बजे होना था, जिसे एक मिनट आगे बढ़ाया गया है।

बता दें कि यह रॉकेट उन्नत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-N1 (कोडनाम 'अन्वेषा') को प्रक्षेपण करेगा, जो अंतरिक्ष से भारत की निगरानी क्षमताओं को बढ़ाने वाला एक और आसमान में आंख साबित होगा।

ईओएस-एन1 एक हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग उपग्रह है जिसे मुख्य रूप से डीआरडीओ के लिए विकसित किया गया है। यह सैकड़ों तरंगदैर्ध्यों में देखने में सक्षम है, जिससे यह जमीन पर मौजूद पदार्थों की पहचान कर सकता है - इसलिए यह राष्ट्रीय सुरक्षा और निगरानी के लिए एक उच्च प्राथमिकता वाला संसाधन है। 

यह भारत को अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने में मदद करेगा और कृषि, शहरी मानचित्रण और पर्यावरण अवलोकन जैसे क्षेत्रों में भी इसका उपयोग किया जा सकेगा।

PSLV-C62 से जुड़ी अहम बातें

  • करीब 260 टन वजनी PSLV-C62 रॉकेट श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरेगा।
  • इस मिशन में कुल 14 सहयात्री उपग्रह शामिल हैं, जिनमें एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह और 13 अन्य छोटे उपग्रह हैं।
  • PSLV-C62/EOS-N1 मिशन के तहत पहले थाईलैंड और यूनाइटेड किंगडम द्वारा निर्मित पृथ्वी अवलोकन उपग्रह को कक्षा में स्थापित किया जाएगा।
  • इसके बाद लगभग 17 मिनट के भीतर 13 अन्य उपग्रहों को सूर्य-समकालिक कक्षा (Sun-Synchronous Orbit) में छोड़ा जाएगा।
  • यह मिशन न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो ISRO की वाणिज्यिक इकाई है।

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