भारत, Jun 07, 2026

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Photo - ANI)
INDIA Alliance: विपक्षी इंडिया ब्लॉक में शामिल दलों की चुनावी हार के बाद गठबंधन की दरारें सामने आ रही हैं और खास बात यह है कि सहयोगी दलों के निशाने पर कांग्रेस नेतृत्व है। कांग्रेस के परहेज के कारण डीएमके के इंडिया ब्लॉक से किनारा करने के बाद अब सीपीएम और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने भी कांग्रेस से नाराजगी जाहिर की है। झारखंड में जेएमएम के नेतृत्व वाली सरकार में तो कांग्रेस भागीदार है। इसी बीच सीपीएम के महासचिव एमए बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को कड़ा पत्र लिखकर हाल ही संपन्न विधानसभा चुनाव के प्रचार में कांग्रेस के हमलों व मुद्दों पर आपत्ति जताते हुए जवाब मांगा है। यह स्पष्ट नहीं है कि सीपीएम व जेएमएम सोमवार को होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होगी या नहीं। डीएमके इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर चुकी है।
जानकार सूत्राें के अनुसार झारखंड के सीएम और जेएमएम प्रमुख हेमंत सोरेन की नाराजगी की वजह राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से एकतरफा तौर पर प्रणव झा की उम्मीदवारी की घोषणा से है। जेएमएम वहां दोनों सीटों पर प्रत्याशी उतारना चाहता था लेकिन कांग्रेस ने बिना चर्चा किए अचानक उम्मीदवार की घाेषणा कर दी।
बेबी ने खरगे को लिखे पत्र में कहा है कि चुनाव में कांग्रेस नेतृत्व ने सुनियोजित अभियान चलाकर आरोप लगाया कि माकपा व भाजपा मे समझौता हुआ है और इसी वजह से ईडी तत्कालीन सीएम पी.विजयन को गिरफ्तार नहीं कर रही। राहुल, प्रियंका व खरगे ने विजयन पर व्यक्तिगत आरोप लगाए। यह भाजपा के खिलाफ बनी विपक्ष की एकता की बुनियाद पर ही चोट करता है। कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में ऐसे विघटनकारी कदमों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करना आपकी और कांग्रेस नेतृत्व की जिम्मेदारी है। बेबी ने पत्र की प्रति इंडिया ब्लॉक के अन्य दलों के नेताओं को भी भेजी है।
संक्षेप में समझें तो लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने की कोशिशों के बीच सहयोगी दलों की बढ़ती नाराजगी इंडिया ब्लॉक के लिए नई चुनौती बनती दिख रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि घटक दलों के बीच बेहतर समन्वय और संवाद के बिना गठबंधन की एकजुटता बनाए रखना कठिन हो सकता है।
Published on: 07 Jun 2026 02:54 am

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