भारत, Jun 03, 2026

S-400 Air Defence squadron
S-400 Air Defence Squadron: रूस से चौथा एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम भारत पहुंच गया है। इसे बहुत जल्द परिचालन क्षेत्र में तैनात किया जाएगा। यह भारतीय सेना में सुदर्शन वायु रक्षा प्रणाली के नाम से जाना जाता है। रक्षा सूत्रों के अनुसार यह उन्नत वायु रक्षा प्रणाली कुछ दिन पहले ही समुद्री मार्ग से भारत पहुंची है। इस सिस्टम की मारक क्षमता 400 किलोमीटर तक है। एस-400 वायु रक्षा प्रणाली 2018 के एक अनुबंध का हिस्सा है जिसके तहत भारत को रूस से पांच एस-400 स्क्वाड्रन खरीदने थे। इनमें से तीन क्वाड्रन दो साल पहले आ चुके हैं और बाकी के दो रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण लेट हो गए। भारत को चौथा S-400 एयर डिफेंस सिस्टम मिलने के बाद चीन और पाकिस्तान की नींद उड़ जाएगी। क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर भारत ने एस-400 के जरिए पाकिस्तानी मिसाइलों को मुंहतोड़ जवाब दिया था।
आपको बता दें कि भारत ने 2018 में पांच एस-400 वायु रक्षा स्क्वाड्रन की खरीद के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। पिछले कुछ वर्षों में पहली तीन इकाइयों की डिलीवरी हो गई थी। बाकी दो स्क्वाड्रन के लिए डिलीवरी शेड्यूल रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण प्रभावित हो गया। माना जा रहा है कि एस-400 वायु रक्षा मिशन प्रणाली की पांचवीं स्क्वाड्रन के अगले कुछ महीनों में भारत पहुंच सकती है। रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) से एस-400 मिसाइलों के पांच और स्क्वाड्रन के अधिग्रहण को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।
भारत भी स्वदेशी परियोजना 'प्रोजेक्ट कुशा' पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य रूसी प्रणाली के समान दूरी पर दुश्मन के ड्रोन को मार गिराने में सक्षम अपनी खुद की वायु रक्षा प्रणाली विकसित करना है। भारतीय रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज इस परियोजना में विकास और उत्पादन भागीदार के रूप में शामिल है।
आपको बता दे कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 ने शानदार प्रदर्शन किया था। इस एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान की हालत खराब कर दी थी। भारतीय रक्षा मंत्रालय से एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए रूस द्वारा निर्मित S-400 में इस्तेमाल की जाने वाली 288 मिसाइलों की खरीद को हरी झंडी मिल गई है।
Published on: 03 Jun 2026 09:42 pm

कोई कमेंट नहीं है।
पहले कमेंट करने वाले बनें।