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भारत, Apr 16, 2026

Delhi Airport Incident: दिल्ली एयरपोर्ट पर टकराए दो विमानों के पंख, जानें क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ

Flight Safety: दिल्ली एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा टल गया जब ग्राउंड ऑपरेशन्स के दौरान दो विमानों के पंख आपस में टकरा गए। पढ़ें पूरी खबर।

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भारत

Apr 16, 2026

Delhi Airport Incident

दिल्ली एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट विमान ।( फोटो: ANI)

Aviation Incident: राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार को एक विमान हादसा सामने आया है। यहां दो बड़े यात्री विमानों की आपस में टक्कर हो गई। यह घटना उस समय हुई जब ग्राउंड पर विमानों की आवाजाही चल रही थी। अकासा एयर और स्पाइसजेट के विमानों के पंख एक-दूसरे से टकरा गए। इस घटना ने एयरपोर्ट पर कुछ देर के लिए हड़कंप मचा दिया। हालांकि, सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई।

आखिर कैसे हुआ यह हादसा ?

विमानन सूत्रों के अनुसार, यह घटना ग्राउंड हैंडलिंग के दौरान हुई। एक विमान अपनी तय पार्किंग बे की ओर बढ़ रहा था, जबकि दूसरा विमान टैक्सी कर रहा था। इसी प्रक्रिया के दौरान दोनों विमानों के बीच की सुरक्षित दूरी का अनुमान लगाने में चूक हो गई। नतीजतन, दोनों विमानों के पंख आपस में रगड़ खा गए। आमतौर पर एयरपोर्ट के टैक्सीवे पर विमानों की गति बहुत धीमी होती है, इसी वजह से एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। अगर यह टक्कर तेज गति में होती, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते थे।

यात्रियों में मची कुछ देर के लिए अफरा-तफरी

जैसे ही दोनों विमानों के विंग्स टकराए, अंदर बैठे यात्रियों को एक हल्का झटका महसूस हुआ। कुछ देर के लिए यात्रियों में चिंता और घबराहट फैल गई। हालांकि, क्रू मेंबर्स ने तुरंत घोषणा कर स्थिति को संभाला और यात्रियों को आश्वासन दिया कि सभी सुरक्षित हैं। एयरपोर्ट अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों विमानों को वहीं रोक दिया और आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू कर दिया। यात्रियों को सुरक्षित तरीके से विमान से बाहर निकाला गया और उनके लिए वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की गई।

डीजीसीए ने दिए जांच के आदेश

इस गंभीर चूक को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय बेहद सख्त हो गया। डीजीसीए ने इस मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि गलती एयर ट्रैफिक कंट्रोल के दिशा-निर्देशों में थी या फिर पायलटों और ग्राउंड स्टाफ के बीच तालमेल की कमी थी। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दोनों विमानों को उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई है। इंजीनियरों की एक टीम विमानों को हुए नुकसान का आकलन कर रही है।

एविएशन सेफ्टी पर उठे सवाल

दिल्ली का आईजीआई एयरपोर्ट देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है। यहां रोजाना सैकड़ों उड़ानें संचालित होती हैं। ऐसे में ग्राउंड पर विमानों का टकराना एविएशन सेफ्टी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्राउंड मूवमेंट के दौरान स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का सख्ती से पालन होना चाहिए। इस घटना के बाद उम्मीद की जा रही है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइंस अपने ग्राउंड ऑपरेशंस की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से समीक्षा करेंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरी तरह से रोका जा सके।

यात्रियों ने एयरपोर्ट प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई

घटना के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन के प्रति नाराजगी भी जताई। एविएशन एक्सपर्ट्स ने इसे ग्राउंड कंट्रोल की 'गंभीर लापरवाही' करार दिया है और कड़े एक्शन की मांग की है। डीजीसीए की टेक्निकल टीम दोनों विमानों के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर की जांच करेगी। साथ ही, ड्यूटी पर मौजूद एटीसी अधिकारियों और ग्राउंड स्टाफ से पूछताछ की जाएगी। दिल्ली एयरपोर्ट पर लगातार बढ़ता एयर ट्रैफिक और उड़ानों का दबाव इसका एक बड़ा कारण हो सकता है। त्योहारी या व्यस्त सीजन में जब उड़ानों की संख्या बढ़ जाती है, तो एटीसी और ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ पर भारी मानसिक दबाव होता है, जिससे ऐसी मानवीय भूल होने की आशंका बढ़ जाती है।

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