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‘BJP-चीन में कौन सा गुप्त समझौता हुआ?’ कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेता ने कहा- BJP वाले चीनियों के साथ गलबहैया कर रहे…

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि बीजेपी के नेता चीनियों के साथ गलबहियां कर रहे हैं। इधर, चीन ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम वैली को अपना इलाका बताया है। पढ़ें पूरी खबर...

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चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और बीजेपी नेताओं की बैठक (फोटो- X सुप्रिया श्रीनेत)

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने एक्स पर एक फोटो शेयर किया है। इसमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और बीजेपी के नेता आमने सामने बैठे हुए हैं। सुप्रिया ने तंज कसते हुए लिखा कि ऑपरेशन सिंदूर में चीन ने पाकिस्तान का साथ दिया। गलवान में हमारे जांबाजों की शहादत हुई। चीन लद्दाख में अतिक्रमण किए बैठा है। अरुणाचल में गांव बसा रहा है और यहां गलबहैया चल रही है। बीजेपी को यह बताना होगा कि यह रिश्ता क्या कहलाता है? BJP-चीन में कौन सा गुप्त समझौता हुआ?

मोदी के लाल आंख का क्या हुआ? श्रीनिवास बीवी

वहीं, सुप्रिया श्रीनेता ने आगे कहा कि चीन ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम वैली को अपना इलाका बताया है। यहां पिछले कई दिनों से CPEC के नाम पर चीन यहां कंस्ट्रक्शन कर रहा है। वह लद्दाख के बाद यहां तक कैसे घुस गया? चीन इतनी हिमाकत कैसे कर रहा है? कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति वेंटिलेटर पर पड़ी है। अब चीन ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी को अपना बताया है। चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा- शक्सगाम घाटी चीन का इलाका है, यहां बुनियादी ढांचा बनाना गलत नहीं है। मोदी जी 'लाल आंख' का क्या हुआ?

चीन ने भारत के शक्सगाम घाटी के दावे को किया खारिज

इधर, चीन ने भारत के शक्सगाम घाटी पर दावे को भी खारिज कर दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने सीमा मुद्दों और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि जिस इलाके का भारत का जिक्र किया है, वह चीन का है। चीन को अपने इलाके में इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का पूरा हक है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन और पाकिस्तान ने 1960 के दशक में अपनी सीमा तय करने के लिए एक समझौता किया था। उसमें शक्सगाम घाटी को चीन को सौंप दिया गया था।

शक्सगाम घाटी के उत्तर में चीन का शिनजियांग प्रांत, दक्षिण और पश्चिम में पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर के उत्तरी इलाके और पूर्व में सियाचिन ग्लेशियर क्षेत्र है।

शक्सगाम घाटी में CPEC के निर्माण पर भारत का विरोध

शक्सगाम घाटी में सीपेक के तहत निर्माण पर भारत ने विरोध जताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने 1963 के 'तथाकथित' चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते या 'तथाकथित' CPEC को कभी मान्यता नहीं दी है।
जायसवाल ने कहा कि शक्सगाम घाटी भारत का है। हमने 1963 के चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को कभी मान्यता नहीं दी है। हमने लगातार यह कहा है कि यह समझौता अवैध और अमान्य है। हम चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को भी मान्यता नहीं देते हैं, जो भारतीय क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिस पर पाकिस्तान का जबरदस्ती और अवैध कब्जा है।